मेफेड्रोन निर्माण पर कसा शिकंजा- केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद अवैध फैक्ट्रियों पर सीधे एक्शन का रास्ता साफ उदयपुर. प्रदेश में मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स के अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने हाल ही में जारी अधिसूचना के तहत मेफेड्रोन निर्माण में […]
मेफेड्रोन निर्माण पर कसा शिकंजा- केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद अवैध फैक्ट्रियों पर सीधे एक्शन का रास्ता साफ
उदयपुर. प्रदेश में मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स के अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने हाल ही में जारी अधिसूचना के तहत मेफेड्रोन निर्माण में उपयोग होने वाले प्रमुख रसायन 2-ब्रोमो-4-मिथाइलप्रोपियोफेनोन को मादक द्रव्य और मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत नियंत्रित पदार्थ घोषित कर दिया है।इस अहम निर्णय के बाद अब इस रसायन की खरीद-फरोख्त, भंडारण और उपयोग सीधे कानून के दायरे में आ गए हैं, इससे एमडी ड्रग्स की अवैध फैक्ट्रियों पर प्रभावी कार्रवाई का रास्ता खुल गया है। एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार के निर्देशन में यह अधिसूचना राज्यभर की प्रवर्तन एजेंसियों तक पहुंचाई जा रही है। ऐसे में अब एमडी ड्रग बनाना आसान नहीं होगा। अब पुलिस की ओर से 2-ब्रोमो-4-मिथाइलप्रोपियोफेनोन रसायन को लेकर धरपकड़ कर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
पहले निकली थी बड़ी खामी
मेफेड्रोन बनाने में कास्टिक सोडा, हाइड्रोक्लोरिक एसिड और टॉल्यूइन जैसे रसायनों के साथ 2-ब्रोमो-4-मिथाइलप्रोपियोफेनोन रसायन की अहम भूमिका होती है। अब तक यह रसायन एनडीपीएस कानून के दायरे में नहीं था, इससे सयह खुले बाजार में मिल रहा था। इसी का फायदा उठाकर प्रदेश में एमडी की फैक्ट्रियां चल रही थी।
तीन अनुसूचियों में किया शामिल
- केंद्र सरकार की गजट अधिसूचना के अनुसार इस रसायन को ‘नियंत्रित पदार्थ’ के रूप में अधिसूचित कर एनडीपीएस आदेश-2013 की तीनों संबंधित अनुसूचियों में शामिल किया गया है।
- फैसले से एमडी ड्रग्स की सप्लाई चेन पर सीधा असर पड़ेगा। अब इस रसायन से जुड़े किसी भी अवैध गतिविधि पर एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में केस दर्ज होगा।
राज्य स्तर से सख्ती के निर्देश
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एटीएस, एजीटीएफ और एएनटीएफ) की ओर से जारी निर्देशों के संदर्भ में उदयपुर एसपी डॉ. अमृता दुहन ने जिले के सभी वृताधिकारियों, थानाधिकारियों को आदेश जारी कर नए प्रावधानों के तहत तत्काल कार्रवाई करें। नए प्रावधानों के अनुसार बिना देरी सख्त कार्रवाई की जाए।