
मुकेश हिंगड़ / उदयपुर. इस बार शहरी सरकार के चुनाव में निर्वाचन विभाग की ओर से घर-घर पर्चियां बंटवाने की अभी तक कोई तैयारियां नहीं है। वैसे बताते हैं कि शायद ही पर्चियां छपवाई जाएगी क्योंकि अभी तक निर्वाचन विभाग से कोई गाइड लाइन भी नहीं मिली है। दूसरी तरफ राजनीतिक दलों ने भी अपने प्रत्याशियों को पर्चियां बांटने को लेकर बेहतर तरीके से काम करने का प्लान दिया है।
निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं को उनके घर पर्चियां पहुंचाने का नया प्रयोग शुरू किया था। यह प्रयोग लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भी सफल रहा, जब मतदान के बाद इसकी समीक्षा की गई तो सामने आया कि बड़ी संख्या में लोग निर्वाचन विभाग की पर्ची लेकर वोट करने गए। नगर निगम के चुनाव में इस बार बार पर्चियों को लेकर अभी तक कुछ भी निर्देश नहीं मिले है। वैसे निर्वाचन विभाग के जानकारों का कहना है कि इस बार शायद ही बीएलओ से पर्चियां बंटवाई जाए।
अपने स्तर पर तैयार कराए पर्चियां
इधर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने सभी वार्ड प्रभारियों व प्रत्याशियों को पत्र लिखकर कहा कि इस बार इस बार चुनाव में सरकारी स्तर पर मतदाता पर्चियां नहीं बांटी जाएगी। ऐसे में मतदाता सूची के आधार पर पर्चियों को प्रिंट स्वयं को अपने स्तर पर कराना है। इसी प्रकार भाजपा के प्रत्याशियों ने भी पर्र्चियों को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है।
विधानसभा चुनाव में वोटर पर्ची का उपयोग
वर्ष 2018 में जो मतदान हुआ उस समय निर्वाचन विभाग ने वोटर पर्ची बांटी थी। तब इस पर्ची को लेकर बड़ी संख्या में लोग मतदान केन्द्र पहुंचे थे। विस चुनाव में उदयपुर शहर व ग्रामीण विधानसभा में करीब 70 से 78 प्रतिशत मतदाता ने वोटर पर्ची का उपयोग किया था।