
भगवती तेली/ उदयपुर . उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने कहा कि इंडस्ट्रीज की भावी जरूरतों को देखते हुए सरकार ने सेन्टर प्लेसमेंट सेल बनाया है। विद्यार्थियों को रोजगार प्राप्ति को लेकर आने वाली समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। भविष्य में इंडस्ट्रीज की क्या मांग रहेगी, इसके अनुरूप विद्यार्थी को तैयार किया जाएगा, जिससे उसे रोजगार मिलने में सुविधा हो सके।
सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय में गुरुवार को स्मॉल बिजनेस डवलपमेंट सेन्टर के शिलान्यास के बाद माहेश्वरी ने मीडिया कहा कि इसके लिए दिसम्बर में जयपुर में एचआर कॉनक्लेव होगा। इसमें बड़ी कम्पनियों के एचार, सीईओ आदि को बुलाकर उनकी आवश्यकताओं पर चर्चा की जाएगी। उसके बाद उनकी मांग के अनुसार कोर्सेज को डिजाइन किया जाएगा, जिसे विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में लागू करेंगे, इससे इंडस्टीज की मांग पूरी होगी व विद्यार्थी को रोजगार मिलेगा। मंत्री ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों के प्लेसमेंट पर सोच रही है। ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले विद्यार्थियों में नॉलेज तो होता है, लेकिन वह उसे व्यक्त नहीं कर पाते हैं। ऐसे विद्यार्थियों के लिए दिशाहरी योजना भी शुरू की गई है। इससे पहले मंत्री ने प्रबंध अध्ययन संकाय में बनने वाले सेंटर फॉर एन्टरप्रेन्योरशिप एंड स्मॉल बिजनेस डवलपमेंट का शिलान्यास किया।
भवन निर्माण के लिए एक करोड़ दस लाख रुपए दिए गए हैं। सेंटर में बीबीए (एन्टरप्रेन्योरशिप) पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। कुलपति प्रो. जे.पी. शर्मा ने बताया कि इससे विद्यार्थियों को स्नातक स्तर पर ही प्रबंधन, उद्यमिता एंव छोटे व्यवसायिक प्रबंधन की शिक्षा प्राप्त होगी। निदेशक प्रो. अनिल कोठारी ने बताया कि बारहवीं के बाद यदि विद्यार्थी प्रबंधन, उद्यमिता और अपने व्यवसाय में रुचि रखता है, तो उसके लिए यह पाठ्यक्रम अच्छा अवसर साबित होगा। उसे कॉर्पोरेट जगत की जानकारी मिलेगी। इस मौके पर प्रबंध अध्ययन संकाय के न्यूजलेटर का विमोचन भी किया गया। प्रो. करुणेश सक्सेना, प्रो. हनुमान प्रसाद, प्रो. मीरा माथुर, प्रो. जी. सोरल, प्रो. बी.एल. आहुजा, प्रो. मदनसिंह राठौड़, प्रो. विजय श्रीमाली, प्रो. ईशाक मोहम्मद कायमखानी, प्रो. मोनिका नागौरी आदि मौजूद थे। मंत्री ने विज्ञान महाविद्यालय में पण्डित दीनदयाल उपाध्याय भवन का उद्घाटन भी किया, जहां बीएससी की क्लासेज लगेंगी। सीवी रमन कॉन्फ्रेंस हॉल व 10 से ज्यादा कमरे बने हैं।