
उदयपुर . उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री ने देश का पहला ऐसा चेम्बर बनने का गौरव प्राप्त कर लिया है जिसने क्यूआर (क्विक रेस्पोन्स ) कोड के माध्यम से सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजन जारी करने की सुविधा शुरू की है। क्यूआर कोड से सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजन की प्रमाणिकता की परख भी आसानी से हो सकेगी। साथ ही अब ऑरिजन प्रमाण पत्र ऑनलाइन यूसीसीसीआई की वेबसाइट से अपलोड किए जा सकते हैं।
पूर्व में निर्यातक को सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजन फॉर्म पांच प्रतियों में भरकर यूसीसीआई कार्यालय में व्यक्तिगत उपस्थित होकर जमा करवाना होता था। इन फॉर्मों की निर्धारित रजिस्ट्रर में एन्ट्री के बाद यूसीसीआई की सील लगाई जाती थी। इसके बाद निर्यातक को अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के कार्यालय में जाकर प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करवाने होते थे। इस सम्पूर्ण प्रक्रिया को पूरा कराने में निर्यातक का समय और श्रम खर्च होता था।
कांट-छांट व नकल संभव नहीं
ऑनलाइन जारी सर्टिफिकेट ऑफ ऑरिजन में किसी भी प्रकार की बदलाव भी नहीं किया जा सकता है जिससे निर्यात व्यवस्था में परिदर्शिता और विश्वसनीयता में बढ़ोतरी होगी। यूसीसीआई की ओर से ऑनलाइन जारी किए गए सभी सर्टिफिकेट ऑफ ऑरिजन यूसीसीआई पोर्टल पर उपलब्ध रहेंगे। सर्टिफिकेट की प्रतिलिपि पर अंकित क्यूआर कोड को विदेश व्यापार विभाग (डीजीएफटी) द्वारा स्कैन कर यूसीसीआई की वेबसाइट से मिलान कर उसकी प्रमाणिकता की परख आसानी से हो सकेगी। नकली क्यूआर कोड का प्रयोग कर सर्टिफिकेट ऑफ ऑरिजन तैयार करने वाला व्यक्ति आसानी से पकड़ में आ जाएगा। डीजीएफटी के निर्देशानुसार निर्यात प्रपत्र सर्टिफिकेट ऑफ ऑरिजन में किसी प्रकार की छेड़छाड़ करने पर दंड देने का प्रावधान है।
अभी तक देश के किसी भी चेम्बर में इस प्रकार की सुविधा नहीं है। यूसीसीआई देश का पहला ऐसा चेम्बर है जिसने ऑनलाइन क्यूआर कोड से सर्टिफिकेट ऑफ ऑरिजन जारी करने की सुविधा शुरू की है। निर्यातकों को ऑनलाइन सर्टिफिकेट जारी करने से देश के निर्यात इन्डेक्स में सकारात्मक वृद्धि होगी। निर्यात बढने से जीडीपी की दर में भी वृद्धि होगी।
हंसराज चौधरी, अध्यक्ष उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज