उदयपुर. प्रदेश में अन्य राज्यों से होने वाली अवैध शराब की तस्करी और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग ने बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला किया है। विभाग 16 से 31 मार्च तक प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाएगा। इसका उद्देश्य शराब की तस्करी, भंडारण और परिवहन पर सख्त कार्रवाई करना है।आबकारी आयुक्त […]
उदयपुर. प्रदेश में अन्य राज्यों से होने वाली अवैध शराब की तस्करी और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग ने बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला किया है। विभाग 16 से 31 मार्च तक प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाएगा। इसका उद्देश्य शराब की तस्करी, भंडारण और परिवहन पर सख्त कार्रवाई करना है।आबकारी आयुक्त शिवप्रसाद नकाते की ओर से जारी आदेश में प्रदेश के सभी जोन और जिलास्तरीय अधिकारियों को अभियान को प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश के अनुसार अन्य राज्यों से आने वाली अवैध शराब की रोकथाम के लिए टोल नाकों और संभावित मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। अभियान के तहत होटल, बार, ढाबों और समारोह स्थलों पर भी विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। जहां बिना लाइसेंस शराब की बिक्री की आशंका है, वहां लगातार छापेमारी की जाएगी और अवैध बिक्री पाए जाने पर केस दर्ज किए जाएंगे।
स्प्रिट केे टैंकरों पर नजर
आबकारी अधिनियम के तहत फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पड़ोसी राज्यों और जिलों के पुलिस व विभागीय अधिकारियों से समन्वय कर कार्रवाई की जाएगी। जिलास्तर पर कलक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ तालमेल बनाकर अभियान को प्रभावी बनाया जाएगा। प्रदेश में आने वाले स्प्रिट के टैंकरों पर नजर रखी जाएगी।
हॉलोग्राम होना अनिवार्य
प्रदेश की मदिरा दुकानों की भी सघन जांच की जाएगी। दुकानों पर बिकने वाली शराब पर हॉलोग्राम होना अनिवार्य होगा। बिक्री निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) और तय समय के अनुसार ही की जा सकेगी। बिना होलोग्राम शराब मिलने या नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अनुज्ञाधारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारी पाबंद, छुट्टियां निरस्त
अतिरिक्त आबकारी आयुक्त अपने-अपने जोन में जिलों का दौरा कर निगरानी करेंगे। अभियान के दौरान अधिकारी-कर्मचारी को बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने, अवकाश लेने की अनुमति नहीं है। अधिकारियों को जब्त शराब के निस्तारण, मालखाना निस्तारण और जब्त वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया भी तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।