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बेदला में सरकारी परिसंपत्तियों पर निगम की कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, बेदला में वार्ड सभा हो रही थी। इस दौरान कुछ लोगों ने सार्वजनिक स्थानों पर ताले लगे होने की शिकायत की। वहां मौजूद लोगों ने भी इसे सही बताया। इस दौरान देबारी मंडल अध्यक्ष प्रताप सिंह राठौड़ ने निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना से संपर्क किया। इस पर कार्रवाई के निर्देश दिए। कार्रवाई के तहत पंचायत भवन में सरपंच कक्ष, कुंड, पुलिया के पास स्थित श्मशान के निकट सामुदायिक स्नानघर, बालाजी मंदिर के सामने बावड़ी के पास प्याऊ, संस्कृति वाटिका के सामने सार्वजनिक शौचालय तथा सुखदेवी माताजी मंदिर के सामने स्थित सामुदायिक शौचालय और प्याऊ को कब्जा मुक्त कराया गया।
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बेदला क्षेत्र में विभिन्न सरकारी मदों से निर्मित राजकीय परिसंपत्तियों को नगर निगम ने कार्रवाई कर कब्जा मुक्त कराया।

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ताले तोड़कर कब्जा मुक्त कराया, डेढ़ साल से बंद थीं जनसुविधाएं

उदयपुर. बेदला क्षेत्र में विभिन्न सरकारी मदों से निर्मित राजकीय परिसंपत्तियों को नगर निगम ने कार्रवाई कर कब्जा मुक्त कराया। निगम के अतिक्रमण निरोधी दस्ते ने कई स्थानों पर लगे ताले तोड़कर इन परिसंपत्तियों को कब्जे में लिया, जिससे अब आमजन को इनका उपयोग सहज रूप से मिल सकेगा।जानकारी के अनुसार, बेदला में वार्ड सभा हो रही थी। इस दौरान कुछ लोगों ने सार्वजनिक स्थानों पर ताले लगे होने की शिकायत की। वहां मौजूद लोगों ने भी इसे सही बताया। इस दौरान देबारी मंडल अध्यक्ष प्रताप सिंह राठौड़ ने निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना से संपर्क किया। इस पर कार्रवाई के निर्देश दिए। कार्रवाई के तहत पंचायत भवन में सरपंच कक्ष, कुंड, पुलिया के पास स्थित श्मशान के निकट सामुदायिक स्नानघर, बालाजी मंदिर के सामने बावड़ी के पास प्याऊ, संस्कृति वाटिका के सामने सार्वजनिक शौचालय तथा सुखदेवी माताजी मंदिर के सामने स्थित सामुदायिक शौचालय और प्याऊ को कब्जा मुक्त कराया गया। जनहित में सरकारी राशि से निर्मित इन परिसंपत्तियों का उपयोग अब गांव के लोग सरल और सुगम तरीके से कर सकेंगे।

डेढ़ साल से लगे थे ताले

जानकारी के अनुसार, बेदला क्षेत्र पिछले डेढ़ साल से पूर्ण रूप से नगर निगम में शामिल हो चुका है। इसके बावजूद तत्कालीन जनप्रतिनिधियों ने इन सरकारी परिसंपत्तियों पर ताले लगाकर चाबियां अपने पास रख ली थीं, जिससे आमजन इन सुविधाओं से वंचित थे।