
शहर के बालीचा इलाके में विद्युत प्रसारण निगम के परिसर में मादा पैंथर (Panther) दो शावकों (cubs) के साथ नजर आई है। अब तक यहां केवल पैंथर को देखा जा रहा था, लेकिन सोमवार को वायरल हुए एक वीडियो में उसके साथ दो शावक भी नजर आए। इसके बाद यह स्पष्ट हो गया कि पिछले दिनों से दिखाई दे रहा पैंथर मादा है। माना जा रहा है कि पैंथर के शावक जंगल से निकलकर जीएसएस में आ गए, जो चार दीवारी के कारण वापस निकल नहीं पाए। शावकों की वजह से ही मादा का मूवमेंट जीएसएस के भीतर देखा जा रहा है। जब तक केवल पैंथर को देखा जा रहा था तो वन विभाग इसे ट्रेंक्यूलाइज कर जंगल में छोड़ने की योजना बना रहा था। लेकिन शावक दिखाई देेने के बाद प्लान बदलना पड़ा। चूंकि तीनों को एक साथ ट्रेंक्यूलाइज कर पाना संभव नहीं है, इसलिए वन विभाग ने विद्युत प्रसारण निगम को दीवार का एक हिस्सा तोड़कर रास्ता बनाने का सुझाव दिया है, ताकि तीनों वन्यजीव सुरक्षित वन क्षेत्र में चले जाएं और आबादी पर भी कोई खतरा ना हो।
छह-सात माह के हैं शावक
बताया जा रहा है कि पैंथर के दोनों शावक करीब छह-सात माह के हैं। जो अभी मां पर ही निर्भर है। दोनों शावक विद्युत प्रसारण निगम के नाले में दुबके रहते हैं। जब जंगल से उनकी मां यहां आती है तो बाहर निकल आते हैं। वन विभाग के सूत्रों का कहना है कि पैंथर ने अब तक आमजन को हानि नहीं पहुंचाई है। शावक साथ होने के कारण उसे अकेले ट्रेंक्यूलाइज करना ठीक नहीं है।
विद्युत प्रसारण निगम के सहायक अभियंता और हमारे रेंज ऑफिसर ने जीएसएस परिसर में पैंथर के मूवमेंट के बारे में अवगत कराया है। मादा पैंथर के साथ दो शावक भी है, इसलिए इन्हें रास्ता बनाकर जंगल की ओर निकालना ही उचित रहेगा। इसलिए दीवार तोड़कर रास्ता बनाने को कहा गया है।
- मुकेश सैनी, उपवन संरक्षक, उदयपुर