उदयपुर

Rajasthan News : रेव पार्टी… पुलिस रेड… और वसूली का खेल! मुश्किल में खाकी के 11 जवान, हैरान कर रही ये Inside Story

Rave Party Raid Case | रेव पार्टी पर हुई पुलिसिया कार्रवाई अब खुद पुलिस के लिए गले की फांस बन गई है। होटल संचालक द्वारा 2 लाख रुपए की अवैध वसूली और झूठे केस के आरोपों के बाद डीजीपी विजिलेंस की जांच से पूरे जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

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Apr 29, 2026
Rave Party arrest File PIC

राजस्थान पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में है। मामला उदयपुर के गोगुन्दा क्षेत्र का है, जहां एक हेरिटेज रिसोर्ट पर 16 दिसंबर को हुई 'रेव पार्टी' की रेड अब पुलिस के लिए ही 'आफत' बन गई है। होटल संचालक ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीधे डीजीपी (Director General of Police) से शिकायत की थी कि पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर न केवल डराया-धमकाया, बल्कि लाखों रुपए की अवैध वसूली भी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी कार्यालय ने विजिलेंस (सतर्कता) टीम को जांच के लिए गोगुन्दा भेजा है, जिससे पूरे जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

11 पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज

डीजीपी कार्यालय के उपअधीक्षक (सतर्कता) श्रीराम बडसरा ने मंगलवार को गोगुन्दा पहुँचकर जांच की कमान संभाली। उन्होंने उन सभी 11 पुलिसकर्मियों को तलब किया जो 16 दिसंबर की उस कथित कार्रवाई में शामिल थे।

  • दिनभर चली पूछताछ: गोगुन्दा थाने में सुबह से ही गहमागहमी रही। सतर्कता टीम ने एक-एक कर सभी पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए।
  • जांच के दायरे में बड़े नाम: इस जांच में केवल कांस्टेबल ही नहीं, बल्कि गिर्वा डीएसपी गोपाल चंदेल, एसआई किशोर सिंह और एएसआई विनेश कुमार जैसे अधिकारी भी शामिल हैं।

क्या है पूरा विवाद? 'वसूली' की इनसाइड स्टोरी !

Rave Party Demo PIC

होटल 'इन्द्रप्रस्थ हेरिटेज रिसोर्ट' के संचालक मूलाराम मेघवाल ने डीजीपी को भेजी अपनी शिकायत में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं:

झूठा केस और धमकी: संचालक का आरोप है कि 16 दिसंबर की रात जब गेस्ट रिसोर्ट में रुके हुए थे, तब पुलिस ने अचानक रेड डाली और गेस्ट के साथ अनैतिक संबंधों का झूठा आरोप लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

2 लाख की डील: शिकायत के अनुसार, डीएसपी गोपाल चंदेल और सिपाही भीमसिंह मीणा ने होटल मालिक को डराकर 2 लाख रुपए की मांग की। होटल मालिक के कहने पर संचालक ने यह राशि सिपाही को सौंप दी, जिसके बाद 7 लोगों को मौके से छोड़ दिया गया।

रिकॉर्ड बनाम रेड: संचालक का दावा है कि सभी गेस्ट्स का रिकॉर्ड होटल रजिस्टर में दर्ज था, लेकिन पुलिस ने 'रेव पार्टी' का हाई-प्रोफाइल नाम देकर अवैध वसूली का खेल खेला।

इन 11 'खाकीधारियों' पर विजिलेंस की नजर

Rajasthan Police File PIC

विजिलेंस टीम ने जिन पुलिसकर्मियों को बयान के लिए पाबंद किया है, उनकी सूची काफी लंबी है। इसमें शामिल हैं:

  • गोगुन्दा थाना: एएसआई विनेश कुमार, हैडकांस्टेबल चरण सिंह, कांस्टेबल भूपेंद्र, रामस्वरूप, महिला कांस्टेबल डिम्पल, चालक अजीत सिंह और चंद्रपाल सिंह।
  • अन्य यूनिट्स: गिर्वा सीओ कार्यालय के कांस्टेबल कालूलाल, पुलिस लाइन के एसआई किशोर सिंह, सायरा थाने के यशवंत और महिला कांस्टेबल प्रियंका।

सस्पेंस: क्या साख बचा पाएगी उदयपुर पुलिस?

इस जांच के बाद अब गेंद डीजीपी कार्यालय के पाले में है। यदि विजिलेंस टीम को वसूली के पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो इन 11 पुलिसकर्मियों पर गाज गिरना तय है। यह मामला न केवल भ्रष्टाचार का है, बल्कि पुलिस की उस छवि पर भी प्रहार है जो वह 'अपराध मुक्त राजस्थान' के नाम पर पेश करती है। क्या यह वाकई एक रेव पार्टी थी या पुलिस की 'पॉकेट मनी' बनाने का एक जरिया? इसका खुलासा विजिलेंस की अंतिम रिपोर्ट में होगा।

Updated on:
29 Apr 2026 01:24 pm
Published on:
29 Apr 2026 01:23 pm
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