उदयपुर

तबादलों के विरोध में फिर आंदोलन पर चिकित्सक, काली पट्टी बांधकर कक्ष से बाहर बैठे

तबादलों के विरोध में फिर से सांकेतिक हड़ताल पर प्रदेश के चिकित्सक, सुबह 9 से 11 बजे के बीच हड़ताल पर रहे नाराजगी जाहिर की

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उदयपुर . 33 सूत्रीय मांगों को लेकर सेवारत चिकित्सकों का सप्ताह भर चला आंदोलन समाप्त हुए अभी कुछ ही दिन बीते थे कि विभाग ने आंदोलन के कर्णधार रहे अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सा संघ के पदाधिकारियों का मंगलवार रात जारी सूची में तबादला कर दिया। इससे सेवारत चिकित्सक फिर आंदोलन की राह पर आ गए हैं। सरकार के साथ समझौते के बाद नियमित सेवाएं दे रहे चिकित्सकों ने इस फैसले के विरोध में मंगलवार सुबह 9 से 11 बजे के बीच हड़ताल पर रहे नाराजगी जाहिर की। बाद में ड्यूटी पर लौटे चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर मरीजों को परामर्श दिया।


संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. एसएल बामनिया ने आरोप लगाया कि सरकार दमनात्मक रवैया दिखाते हुए यह कार्रवाई कर रही है। संगठन ने सरकार से पदाधिकारियों के तबादले निरस्त करने की मांग की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ने अडिय़ल रवैया अपनाया तो आंदोलन फिर से तूल पकड़ेगा और मरीजों को होने वाली परेशानी के लिए सरकार स्वयं जवाबदार रहेगी। इधर, हड़ताल के दौरान जिले की 27 सीएचसी, 10 शहरी डिस्पेंसरी एवं 98 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को घंटों तक परामर्श के लिए कतार में खड़ा रहना पड़ा। हिरणमगरी एवं चांदपोल स्थित सेटेलाइट हॉस्पिटल के अलावा एमबी हॉस्पिटल में सेवारत करीब 40 चिकित्सकों सहित 300 चिकित्सक हड़ताल पर रहे।

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एफआईआर भी कटाई
चिकित्सकों में नाराजगी इस बात को लेकर भी है कि सीकर निवासी गर्भवती महिला चिकित्सक डॉ. आशा लता के साथ चिकित्सा विभाग के प्रशासनिक अधिकारी ने अभ्रदता की। वह बेसुध होकर गिर पड़ी और उन्हें रोगी वाहन से चिकित्सालय जयपुर में भर्ती करवाना पड़ा। महिला आयोग में चिकित्सक ने तो शिकायत नहीं की, लेकिन 18 नवम्बर को आरएएस अधिकारी ने डॉक्टर के खिलाफ अशोकनगर थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया।


यूं परवान चढ़ा था आंदोलन
- जुलाई में ज्ञापन व काली पट्टी बांधकर सरकार से 33 सूत्रीय मांग पूरी करने में जुटा संगठन।
- 18 अक्टूबर को एक साथ सीएल अवकाश पर उतरे चिकित्सक। सरकार को दी चेतावनी।
- 6 नवम्बर को पूरे राजस्थान में सामूहिक त्यागपत्र सौंपते हुए हड़ताल पर उतरे प्रदेश के 10 हजार चिकित्सक।
- संगठन के समर्थन 8 नवम्बर को पूरे प्रदेश के रेजिडेंट चिकित्सक हड़ताल पर उतरे।
- 12 नवम्बर को चिकित्सक संघ और सरकार के बीच समझौता हुआ।
- 33 में 22 मांगें सरकार ने मानी, सरकार ने समयबद्ध तरीके से मामला निपटाने का आश्वासन दिया।
- 7 दिवसीय चिकित्सकों की हड़ताल को अवकाश में मर्ज करने का आदेश भी जारी नहीं हुआ।

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Published on:
30 Nov 2017 01:45 pm
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