उदयपुर

उदयपुर : स्कूल की उम्र में नशे की दस्तक, कॉलेज तक बन जाती लत

कम उम्र में नशे की शुरुआत तेजी से बढ़ रही है और 14–15 वर्ष की आयु में शुरू होने वाली यह आदत युवाओं को गंभीर लत और मानसिक समस्याओं की ओर धकेल रही है।
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Jun 26, 2026
nasha
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उदयपुर. कम उम्र में नशे की शुरुआत शहर के लिए खतरे की घंटी बन गई है। कल तक जिस नशे की गिरफ्त में कॉलेज छात्र आते थे आज वही पुड़िया स्कूली बच्चों बैग तक पहुंच गई है। मादक पदार्थ ही नहीं चस्का ऐसा है कि सिगरेट, ई-सिगरेट व शराब तक के सेवन से भी परहेज नहीं। 14-15 की उम्र में ट्राय करने से शुरू हुआ सफर 20-25 की उम्र में लत तक जा पहुंचा है। परिणाम बर्बादी दिखने लगी है।उदयपुर के नशा मुक्ति केंद्रों में पहुंचे 6 हजार युवाओं का आंकड़ा बताता है कि आधुनिकता व स्टेट्स सिंबल ने नौनिहालों को अवसाद और चिड़चिड़ेपन की दलदल में धकेल दिया है। अगर अभिभावक और समाज अब भी संवाद नहीं बढ़ाएंगे, तो पूरी एक पीढ़ी को खोने का यह खतरा और गहरा जाएगा। मनोरोग विशेषज्ञ डॉ सुरेश गोचर के अनुसार स्कूल और कॉलेज जाने वाले युवा सबसे अधिक संवेदनशील वर्ग है। किशोरावस्था में नई चीजों को आजमाने की उत्सुकता, दोस्तों के बीच स्वीकार्यता की चाह और जोखिम लेने की प्रवृत्ति उन्हें नशे की ओर आकर्षित करती है। पहले जहां नशे की शुरुआत आमतौर पर 18 वर्ष के बाद देखने को मिलती थी, वही अब यह उम्र घटकर 15 वर्ष के आसपास पहुंच रही है।

इसलिए बढ़ा रहे इस दलदल में कदम


- लाइफस्टाइल, रील्स और ग्लैमराइज्ड कंटेंट देखकर कम उम्र के लोग हो रहे प्रभावित।-धूम्रपान, शराब या अन्य नशे को आधुनिकता और स्टेट्स सिंबल से जोड़कर देखा जाता।-अप्रत्यक्ष प्रचार और प्रभावशाली व्यक्तियों की जीवनशैली भी इस दलदल में खींच रही।

नशा मुक्ति केंद्रों में 6 हजार युवा पहुंचे


नशा मुक्ति केंद्रों में उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों से करीब 6 हजार से अधिक युवा पहुंचे हैं। केंद्रों में आने वाले मामलों के विश्लेषण में सामने आया कि अधिकांश युवाओं ने पहली बार नशा दोस्तों के कहने या उनके साथ रहने के दौरान शुरू किया। साथियों के समूह में फिट होने की कोशिश, मजाक का डर या खुद को अलग न दिखाने की मानसिकता उन्हें नशे की ओर धकेल देती है।

ये समस्याएं आ रहीं सामने


नशे का प्रभाव केवल शरीर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर छोड़ता है। नशे के सेवन से अवसाद, चिंता, चिड़चिड़ापन, गुस्सा, नींद की समस्या और आत्मविश्वास में कमी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। नशे की लत केवल व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करती है। शुरुआत में व्यवहार में बदलाव, पढ़ाई में गिरावट, खर्च बढ़ना, परिवार से दूरी बनाना और गुस्सैल स्वभाव जैसे संकेत दिखाई देते हैं।

Published on:
26 Jun 2026 06:27 pm