- ई-बाजार पोर्टल: उदयपुर का केवल एक ही उपभोक्ता इसमें शामिल
भुवनेश पंड्या
उदयपुर. बाजार से करोड़ों का मुनाफा कमा रही ई-कंपनियों को देखकर सरकार ने ई-बाजार लांच तो किया, लेकिन प्रदेश के केवल 35 उद्यमी ही इससे जुड़ सके। यानी सरकार ने जिस ई-बाजार को तैयार किया उस पर लाखों रुपए तो फूंके, लेकिन अपेक्षाकृत कम उद्यमी इससे जुडे़ ऐसे में इस योजना को वह ऊंचाई नहीं मिल सकी, जितनी मिलनी चाहिए थी। हालांकि इसमें एक पहलू ये जरूर सुखद है कि करीब 700 उत्पाद इस ई बाजार पर मिल रहे हैं। खास बात ये है कि उदयपुर संभाग का केवल एक मात्र उद्यमी इससे जुड़ा हुआ है।
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प्रदेश में ई-बाजार पोर्टल की स्थापना एवं संचालन पर विगत 3 वर्षों में सरकार द्वारा किये गये कुल व्यय का वर्षवार हाल-
वर्ष - राशि (रूपये में)
2020-21 - 26,06,768.502021-22 - 53,00,067.68
2022-23 - 12,03,677.46कुल - 91,10,513.64
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-700 से ज्यादा उत्पाद जुडे़ :
ई-बाजार पोर्टल पर 35 विक्रेताओं के कुल 700 से ज्यादा उत्पाद उपलब्ध है। विगत 3 वर्षों में ई-बाजार पोर्टल से हुए कुल लेन देन का विवरण
वर्ष - आर्डर सं - राशि (रूपये में)
2020 - 2588 - 86,90,366.13
2021 - 1163 - 33,36,312.32
2022 - 1951 - 50,44,207.01
कुल - 5702 - 1,70,70,885.46
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इस तरीके के उत्पाद है उपलब्ध
सरकार के इस इ बाजार पर इलेक्ट्रॉनिक, कपडे़, ग्रोसरी, स्टेशनरी, फर्नीचर व अन्य उपयोगी व घरेलू सामान उपलब्ध हैं। जैसे ही ई बाजार को क्लिक किया जाता है, तो अन्दर खुलने वाले पोर्टल पर स्क्रीन पर अलग-अलग केटेगरी नजर आएगी, आम तौर पर जो बाजार की ई कंपनियां है उनकी ही तरह इसे इस्तेमाल करते हुए किसी भी तरह का सामान ऑनलाइन मंगवाया जा सकता है।
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उदयपुर संभाग के 1 विक्रेता ‘’विलेज फोरेस्ट मेनेजमेण्ट कमेटी, उदयपुर’’ के उत्पाद ई-बाजार पोर्टल पर बिक्री के लिए उपलब्ध है।अब तक कुल 3 उपभोक्ता सहकारी भण्डार ई-बाजार पोर्टल से जुडे हैं, इसमें ....
1.राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ कॉनफैड, जयपुर
2.अजमेर सहकारी उपभोक्ता हॉलसेल भण्डार लिमिटेड, अजमेर
3.श्रीगंगानगर सहकारी उपभोक्ता हॉलसेल भण्डार लिमिटेड, श्रीगंगानगर-------