
उदयपुर. देशभर में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण (ई-20) लागू होने के बाद ईंधन की गुणवत्ता और इंजन सुरक्षा को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी ने अपने ग्राहकों के लिए विशेष कस्टमर कन्वीनियंस पैकेज (सीसीपी) शुरू किया है। कंपनी का कहना है कि यह पैकेज मिलावटी ईंधन और बारिश के दौरान इंजन में पानी जाने जैसी परिस्थितियों से होने वाले महंगे नुकसान की भरपाई में मदद करेगा। कंपनी का दावा है कि यह पैकेज खराब ईंधन (फ्यूल एडल्टरेशन) और जलभराव के दौरान इंजन में पानी जाने (हाइड्रोस्टैटिक लॉक) जैसी स्थितियों में होने वाले महंगे नुकसान से ग्राहकों को आर्थिक सुरक्षा देगा।
यह पहल ऐसे समय में आई है जब कई वाहन मालिक ईंधन की गुणवत्ता को लेकर चिंता जता रहे हैं। कंपनी के अनुसार, उसके अधिकांश वाहन ई-20 ईंधन के उपयोग के अनुकूल हैं और सामान्य परिस्थितियों में इससे इंजन को कोई नुकसान नहीं होता। यह पैकेज खराब या मिलावटी ईंधन अथवा पानी से होने वाली क्षति जैसी स्थितियों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा के रूप में उपलब्ध कराया गया है। कंपनी के अनुसार सामान्य वारंटी में फ्यूल एडल्टरेशन या हाइड्रोस्टैटिक लॉक जैसी परिस्थितियां शामिल नहीं होतीं। ऐसे मामलों में इंजन, फ्यूल पंप, इंजेक्टर और अन्य पुर्जों की मरम्मत पर हजारों रुपए खर्च हो सकते हैं। इसी जोखिम को देखते हुए कंपनी ने सीसीपी को एक ऐड-ऑन सुरक्षा योजना के रूप में पेश किया है।
क्या-क्या है कवर
- खराब या मिलावटी पेट्रोल से इंजन, फ्यूल पंप और इंजेक्टर को होने वाला नुकसान
- बारिश या जलभराव में इंजन में पानी जाने से होने वाला हाइड्रोस्टैटिक लॉक
- कुछ पैकेज में चूहों की ओर से वायरिंग काटने से होने वाला नुकसान भी शामिल
- एक दो और तीन वर्ष की अवधि के विकल्प उपलब्ध।
वारंटी वाले वाहनों को मिलेगा लाभ
कंपनी के अनुसार यह सुविधा उन्हीं वाहनों के लिए उपलब्ध है जिनकी स्टैंडर्ड या एक्सटेंडेड वारंटी अभी प्रभावी है। पैकेज (300-700 रुपए) की कीमत वाहन मॉडल और योजना के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण बढ़ने के साथ सबसे अधिक जरूरी ईंधन की गुणवत्ता है। यदि वाहन में मानक के अनुरूप ईंधन डाला जाए तो ई-20 से परेशानी की आशंका कम रहती है, लेकिन मिलावटी ईंधन या जलभराव जैसी परिस्थितियों में इंजन को भारी नुकसान हो सकता है। ऐसे मामलों में अतिरिक्त सुरक्षा कवर वाहन मालिकों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
क्या है ई-20 पेट्रोल?
ई-20 पेट्रोल वह ईंधन है, जिसमें 20% एथेनॉल (गन्ना, मक्का आदि से तैयार जैव ईंधन) और 80% पेट्रोल का मिश्रण होता है। इसका उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, प्रदूषण घटाना और किसानों की आय बढ़ाना है। सरकार देशभर में चरणबद्ध तरीके से ई-20 पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है। हालांकि, ई-20 के अनुकूल न होने वाले पुराने वाहनों में माइलेज कम होने, इंजन प्रदर्शन प्रभावित होने या कुछ पुर्जों पर असर पड़ने की आशंका रहती है। इसलिए वाहन निर्माता की सलाह के अनुसार ही ई-20 पेट्रोल का उपयोग करना चाहिए। नए वाहन ई-20 के अनुरूप तैयार किए जा रहे हैं।