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उदयपुर : रथयात्रा की तैयारियां तेज, घर-घर सजेंगी 11 हजार पताकाएं

उदयपुर में 16 जुलाई की भगवान जगन्नाथ रथयात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। शहरभर में 11 हजार पताकाएं लगाई जा रही हैं, जबकि जगदीश मंदिर, सेक्टर-7 और इस्कॉन मंदिर में रथों का अंतिम रूप से निर्माण व सजावट का कार्य जारी है।
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rathyatra in udaipur

गंगू कुंड ​िस्थत इस्कॉन मंदिर में श्रृंगारित प्रतिमा।

उदयपुर. भगवान जगन्नाथ की 16 जुलाई को रथयात्राओं को लेकर शहर में धार्मिक उल्लास का माहौल है। जगदीश मंदिर की मुख्य रथयात्रा के साथ ही सेक्टर-7 स्थित जगन्नाथ धाम और गंगूकुंड स्थित इस्कॉन जगन्नाथ मंदिर की रथयात्राओं की तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं। रथयात्रा मार्गों को सजाया जा रहा है, वहीं श्रद्धालुओं के घरों और मंदिरों पर लगाने के लिए पताकाओं का वितरण भी शुरू हो गया।

श्री जगन्नाथ रथयात्रा समिति ने शहरभर में 11 हजार ध्वजा-पताकाएं लगाने का लक्ष्य रखा है। समिति कार्यालय, जगदीश चौक से विभिन्न समाजों, संगठनों और श्रद्धालुओं को पताका वितरित की जा रही हैं। समिति प्रवक्ता राजेंद्र सेन ने बताया कि श्रद्धालुओं की मांग को देखते हुए 11 हजार पताकाएं तैयार कराई हैं। वितरण व्यवस्था में लोकेश वैष्णव, दिलीप तंबोली, राजेश चावला, लाला वैष्णव, केसर सिंह, कैलाश जिनगर और चंद्रेश दीक्षित सहित कार्यकर्ता जुटे हैं।

श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील

रथयात्रा समिति ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान कीमती जेवर, घड़ियां और अन्य मूल्यवान सामान नहीं लाने की अपील की है। समिति के अनुसार पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे। रथयात्रा मार्ग पर महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। सीसीटीवी कैमरों से आयोजन पर नजर रखी जाएगी।

12 जुलाई तक होंगे झांकियों के पंजीयन

समिति के संयोजक दिनेश मकवाना ने बताया कि इस बार भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित झांकियां रथयात्रा का आकर्षण होंगी। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार झांकियों का पंजीयन अनिवार्य किया है। बिना पंजीयन किसी भी झांकी को रथयात्रा में शामिल नहीं किया जाएगा। इच्छुक संस्थाएं और संगठन 12 जुलाई तक जगदीश चौक स्थित कार्यालय में पंजीयन करा सकते हैं। रथयात्रा में विभिन्न भजन मंडलियां भी पारंपरिक प्रस्तुति देंगी।

जगदीश चौक में उतरे रथ के हिस्से

श्री रथ समिति की ओर से बुधवार रात से रथयात्रा मार्ग को पताकाओं से सजाना शुरू कर दिया। समिति कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को संध्या आरती के बाद जगदीश चौक प्रांगण में रजत रथ के विभिन्न हिस्सों को विधि-विधान के साथ उतरा और जोड़ने का कार्य शुरू किया। तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में रथ को 12 जुलाई तक पूर्ण रूप से तैयार कर दर्शनार्थ रखा जाएगा। इन कार्यों में गोपाल सुथार, अम्बालाल लौहार, घनश्याम चावला, प्रेमदास वैष्णव, राजेन्द्र श्रीमाली, कमल चौहान आदि जुटे हुए हैं।

सेक्टर-7 जगन्नाथ धाम में रथ का हो रहा कायाकल्प

सेक्टर-7 स्थित जगन्नाथ धाम में भी रथयात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मंदिर के पं. सुनील चौबीसा ने बताया कि कारीगर पारंपरिक शैली में रथ की मरम्मत, रंग-रोगन और रखरखाव में जुटे हैं। रथ के रखरखाव में प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया जा रहा है। मंदिर परिसर, उद्यान और पूरे प्रांगण की साफ-सफाई के साथ केसरिया पताकाओं से सजावट की जा रही है। बाल गोपाल अर्णव त्यागी, अर्पित आमेटा, मुकुल व्यास और गर्वित व्यास सहित युवा इसमें सहयोग कर रहे हैं।

इस्कॉन मंदिर से भी निकलेगी रथयात्रा

गंगूकुंड स्थित इस्कॉन जगन्नाथ मंदिर में भी तैयारियां पूरे उत्साह के साथ जारी हैं। मंदिर अध्यक्ष मायापुर वासी प्रभु ने बताया कि एक माह पहले विभिन्न समितियों का गठन कर तैयारियां शुरू कर दी थीं। रथ का नवीनीकरण हो रहा है। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के लिए विशेष आसन तैयार किया जा रहा है। इस्कॉन के श्रद्धालु रथयात्रा मार्ग और आसपास की कॉलोनियों में घर-घर जाकर लोगों को परिवार सहित रथयात्रा में शामिल होने का निमंत्रण दे रहे हैं। आयोजन में अनुशासन, सुरक्षा और सौहार्द बनाए रखने पर विशेष जोर है।