उदयपुर

किसानों को नहीं मिल रहा यूरिया खाद, समितियों पर डिमांड से आधा भी नहीं पहुंच रहा

सलूम्बर जिले में यूरिया खाद की किल्लत, 13 सेंटर पर तो एक भी बैग नहीं पहुंचा

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Dec 24, 2024
जयसमंद क्षेत्र में खाद को लेकर कतार में खड़े काश्तकार। फाइल फोटो

अनिल भारती/जयसमंद. सलूम्बर जिले के किसानों को खाद की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। सहकारी समितियों में डिमांड के अनुसार खाद नहीं आने से किसानों को बाहर से महंगी दरों पर खरीदना पड़ रहा है। काश्तकार रोजाना समितियों पर आते हैं, लेकिन खाद नहीं मिल पाने से मायूस ही वापस लौट रहे हैं। ऐसे हालात सभी सहकारी समितियों के हैं। जिले में कुल सहकारी समितियों के 42 सेंटर बने हुए हैं। इनमें से 13 ऐसे सेंटर है जहां तो अभी तक एक बैग यूरिया खाद का नहीं पहुंचा। जबकि 21 सेंटरों पर आधे से कम खाद के बैगों की उपलब्धता हुई है। पूरे जिले में दो ही ऐसे सेंटर सराड़ा-पिलादर, जहां लगभग पूरे खाद के बैग पहुंचे हैं, वहां भी हालांकि डिमांड से 200 कम ही है, लेकिन फिर भी बाकी सेंटरों से हालात बढ़िया है।

समय पर उपलब्धता नहीं हो पाती है तो फसल चौपट होने की चिंता

किसानों को समय पर यूरिया नहीं मिलने से रबी की फसल चौपट होने की चिंता सता रही है। सहकारी समिति के जिलाध्यक्ष नरपत सिंह ने बताया कि सलूंबर जिले के सभी सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों ने विभाग को यूरिया खाद उपलब्ध करवाने को लेकर मांग पत्र भेजा है। जिस पर मांग की अपेक्षा कम यूरिया मिल रहा है। जबकि राठौड़ा, जावद, अदवास, सिंघटवाड़ा सहित अन्य सहकारी समितियों पर आज तक यूरिया खाद उपलब्ध नहीं हो पाया है। जिससे उस समिति पर पंजीकृत काश्तकार अन्य सहकारी समिति पर यूरिया खाद आने पर कतार में खड़े होने को मजबूर हैं।

उपलब्ध हो रहा एक ट्रक, जरूरत 10 गुणा

विभाग की ओर से उदयपुर और सलूंबर जिले की एक साथ मांग भेजी जाती है। जिससे उदयपुर जिले में सहकारी समितियों की संख्या अधिक होने से सलूंबर जिले की सहकारी समितियों को समय पर यूरिया खाद उपलब्ध नहीं हो पाता है। विभाग की ओर से सलूंबर जिले की सहकारी समितियों पर केवल एक-एक ट्रक यूरिया उपलब्ध करवाया गया है, जबकि आवश्यकता उपलब्ध बैगों से दस गुणा अधिक है।

इनका कहना

सहकारी समितियों की ओर से सीजन में ही यूरिया की मांग की जाती है। ऑफ सीजन में मांग नहीं होती। जिसके कारण सीजन में एक साथ इतनी मात्रा में समितियों को खाद उपलब्ध करवाना मुश्किल हो जाता है। फिर भी प्रयास कर जल्द सभी सहकारी समितियों को यूरिया खाद उपलब्ध कराया जाएगा।

महेन्द्र सिंह, इफको अधिकारी, जयपुर

रबी की फसल से पहले सहकारी समितियों की ओर से यूरिया की मांग की है। पर्याप्त मात्रा में समितियों को यूरिया खाद उपलब्ध नहीं हो पाया है।

वालचंद पटेल, सहकारी समिति वीरपुरा

कलक्टर को समस्या से बताई है। पूर्व और अभी भी जयपुर मांग पत्र भेजा है। कल बैठक में यूरिया खाद को लेकर उच्चाधिकारियों से बातचीत की है। दो-तीन दिन में रैक आते ही सबसे पहले सलूंबर जिले की सहकारी समितियों को यूरिया खाद उपलब्ध कराया जाएगा।

गौस मोहम्मद, संयुक्त निदेशक, कृषि विस्तार जिला सलूंबर

यूरिया खाद की किल्लत से परेशान किसानों की समस्या की जानकारी मिली है। संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार और इफको अधिकारी से बातचीत कर समस्या का समाधान करवाते हुए किसानों को राहत पहुंचाई जाएगी।

जसमीत सिंह संधू, जिला कलक्टर, सलूंबर

Published on:
24 Dec 2024 12:09 am
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