उदयपुर

इस मंच पर सीखा कैसे बढ़ सकती है बीज वाले मसालों की उत्पादकता

बीजीय मसालों की उत्पादकता वृद्धि सेमिनार
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इस मंच पर सीखा कैसे बढ़ सकती है बीज वाले मसालों की उत्पादकता
एमपीयूएटी का दीक्षान्त समारोह 20 को विवेकानन्द सभागार में

उदयपुर. महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के संघटक अनुसंधान निदेशालय में बीजीय मसालों की उत्पादकता वृद्धि को लेकर कार्य योजना विषय पर दो दिवसीय जिला स्तरीय सेमिनार का मंगलवार को आयोजन हुआ। सुपारी एवं मसाला विकास निदेशालय, कालीकट केरल की ओर से प्रायोजित सेमीनार में उदयपुर एवं भीलवाड़ा संभाग के कृषि एवं उद्यान विभाग के 75 कृषि अधिकारी, तकनीकी सहायक, सहायक कृषि अधिकारी एवं कृषि पर्यवेक्षक ने हिस्सा लिया। विवि कुलपति उमांशकर शर्मा ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डॉ. शर्मा ने सभी प्रतिभागियों को विभिन्न बीजीय मसालों की खेती के प्रति अधिक जागरूकता रखने एवं पैदावार बढ़ाने हेतु विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। समारोह की अध्यक्षता डॉ. अभय कुमार मेहता, निदेशक अनुसंधान ने की। स्वागत उद्बोधन क्षेत्रीय निदेशक अनुसंधान डॉ. एस. के. शर्मा ने दिया। शुभारंभ सत्र में अतिथियों द्वारा मेथी की उन्नत प्रौद्योगिकी एवं बीजीय मसाला फसलों में खरपतवार प्रबन्धन तकनीकी फोल्डर का भी विमोचन किया गया। परियोजना प्रभारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया तथा मंच संचालन डॉ. रोशन चौधरी ने किया।
प्रथम दिन तकनीकी सत्र में डॉ. एस. एस. शर्मा, विभागाध्यक्ष पौध व्याधि विभाग ने बीजीय मसाला फसलों के प्रमुख रोग एवं उनके प्रबन्धन की जानकारी दी। डॉ. अरविन्द वर्मा, आचार्य शस्य विज्ञान विभाग ने बीजीय मसाला फसलों के प्रमुख खरपतवार एवं उनके प्रबन्धन पर चर्चा की। डॉ. एसके शर्मा, क्षेत्रीय निदेशक अनुसंधान ने बीजीय मसालों की जैविक खेती पर चर्चा की। इसी तरह अन्य सत्रों में विशेषज्ञों ने कार्यक्रम को संबोधित किया।

Published on:
31 Jan 2019 12:17 am