
मुकेश हिंगड़/उदयपुर.खाद्य सुरक्षा योजना के भरोसे जी रहे गरीब परिवारों के लिए इस बार बड़ा संकट खड़ा हो गया है। शहर की कई राशन दुकानों पर आधे से भी कम उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त गेहूं पहुंचा है जिससे कई उपभोक्ता रीते हाथ लौटे। गेहूं से वंचित उपभोक्ता राशन डीलर से पार्षद के चक्कर लगा रहे हैं। कुछ राशन डीलर एवं पार्षदों ने जिला रसद अधिकारी कायालय पहुंचकर समस्या से अवगत करवाया।शहरी क्षेत्र में कई दुकानों पर कोटे से बहुत कम आवंटन हुआ है। उदाहरण के तौर पर जिस दुकानदार को 116 क्विंटल गेहूं का आवंटन होना था तो उसे मात्र 19 क्विंटल ही गेहूं मिला। ऐसे कई उदाहरण हैं और ग्रामीण क्षेत्र से भी ऐसे मामले सामने आए हैं। दुकानदारों को जब गेहूं का आवंटन कम हुआ तो उन्होंने जो गेंहू मिला उसका वितरण कर दिया और शेष उपभोक्ता वंचित रह गए।
राशन दुकानों पर प्रतिमाह आवंटित होने वाली खाद्य सामग्री में इस माह अत्यधिक कटौती की गई जिसका सीधा नुकसान लाभार्थी परिवारों को हो रहा है। इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए, हमने डीएसओ को भी बताया है।
- राकेश पोरवाल (पार्षद) प्रभारी, खाद्य सुरक्षा योजना
यह वाजिब समस्या है। ऐसे लोग जो गेंहू से वंचित हुए, उनका चूल्हा-चौका प्रभावित हो गया है। लोग इधर से उधर चक्कर लगा रहे है।
- महेश त्रिवेदी, अध्यक्ष, विद्युत समिति
तकनीकी उपयोग से वन प्रबन्धन की कार्य आयोजना बनाने की कार्यशाला
उदयपुर. तकनीकी उपयोग से वन प्रबंधन की कार्य आयोजना बनाने को लेकर कार्यशाला मुख्य वन संरक्षक (हॉफ) राजस्थान जयपुर सीएस् रत्नासामी के मुख्य अतिथि में हुई। कार्यशाला में उदयपुर वृत के उदयपुर, चित्तौडगढ़़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर व प्रतापगढ़ के वन अधिकारियों तथा वनकर्मियों ने भाग लेकर आगामी कार्य आयोजना को आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर सूक्ष्मता और प्रभावी तरीके से तैयार करने के लिए आवश्यक तकनीकी ज्ञान एवं कौशल का प्रशिक्षण प्राप्त किया।