उदयपुर

पूर्व सरपंच पर फायरिंग के मामले में आरोपी को 7 साल की सजा

उदयपुर के बहुचर्चित बेदला फायरिंग मामले में कोर्ट ने मुख्य आरोपी कमलेश प्रजापत को 7 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने हत्या के प्रयास और आयुध अधिनियम के तहत दोषी मानते हुए जुर्माना भी लगाया, जबकि दो अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया।

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May 12, 2026
source patrika photo

उदयपुर। बेदला के पूर्व सरपंच पर फायरिंग के बहुचर्चित मामले में अपर सेशन कोर्ट-5 ने सोमवार को फैसला सुनाया। पीठासीन अधिकारी गणपतलाल विश्नोई ने मुख्य आरोपी को 7 साल की सजा सुनाई है। प्रकरण के मुताबिक बेदला के पूर्व सरपंच नरेश प्रजापत पर फायरिंग के 5 साल पुराने केस में मुख्य आरोपी तेलीवाड़ा बेदला निवासी कमलेश प्रजापत को दोषी मानते हुए 7 साल की सजा सुनाई। आरोपी 5 साल से जेल में है।

आपराधिक षड्यंत्र और साजिश के आरोपों में अन्य आरोपी डांगियों का गुड़ा निवासी गोपाल और तेलीवाड़ा बेदला निवासी सुरेश प्रजापत को संदेह का लाभ दिया गया। कोर्ट ने सह-आरोपियों के खिलाफ धारा 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के आरोपों पर कहा कि अभियोजन पक्ष कोई ठोस और स्वतंत्र साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाया। राजनीतिक रंजिश या कॉल डिटेल रिकॉर्ड पर्याप्त नहीं माने जा सकते। कुछ गवाहों के बयानों में विरोधाभास थे, इससे सह-आरोपियों की भूमिका संदेह से परे सिद्ध नहीं हो सकी।

मुख्य आरोपी कमलेश प्रजापत को धारा 307 भारतीय दंड संहिता के तहत 7 वर्ष का कारावास और 25 हजार रुपए जुर्माना, धारा 325 आयुध अधिनियम के तहत 4 साल कारावास और 5 हजार जुर्माने की सजा सुनाई।

यह था मामला

पूर्व सरपंच नरेश प्रजापत पर बदमाशों ने 10 फरवरी 2021 को फायरिंग की थी। नरेश के कंधे से गोली फेफड़ों को डैमेज करते हुए रीड की हड्डी में अटक गई। घटना तब हुई, जब नरेश बेदला माता मंदिर के द्वार निर्माण का कार्य देखने पहुंचे थे। एक कार में आए तीन नकाबपोश बदमाशों ने उन पर फायरिंग की थी। मामला राजनीतिक रंजिश का बताया गया था। कहा कि सुरेश प्रजापत से नरेश प्रजापत की कई सालों से रंजिश है। इससे पहले 2017 में आपसी मारपीट का केस भी दर्ज हुआ था।

Updated on:
12 May 2026 09:14 pm
Published on:
12 May 2026 05:49 pm
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