उदयपुर

एक पशु चिकित्सक के भरोसे तीन लाख मवेशियों का भविष्य

government veterinary hospital 28 पशु चिकित्सा उपकेंद्र में 8 पर पिछले एक साल से ताला
2 min read
एक पशु चिकित्सक के भरोसे तीन लाख मवेशियों का भविष्य
एक पशु चिकित्सक के भरोसे तीन लाख मवेशियों का भविष्य

उदयपुर/ पारसोला (पस). government veterinary hospital बच्चों की शिक्षा ही नहीं, आदिवासी अंचल के प्रतापगढ़ जिले के पारसोला में सरकार पशु चिकित्सकों को लेकर भी गंभीर नहीं है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन की बेरूखी का ही नतीजा है कि पशुधन आधारित स्थानीय किसानों के लिए मवेशियों को पालना मुश्किल भरा हो चला है। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि क्षेत्र के करीब तीन लाख मवेशियों का भविष्य एक पशु चिकित्सक के भरोसे है। क्षेत्र के कुल २८ पशु चिकित्सा उपकेंद्र में से ८ उपकेंद्रों पर बीते एक साल से ताला लटका हुआ है। विपरीत परिस्थितियों के बीच पशुओं के उपचार को लेकर पशुपालकों को लंबी दूरी तय कर परिवहन के नाम पर जेब खर्च करना पड़ता है। पशुपालकों के लिए बढ़ती समस्या को लेकर क्षेत्रीय प्रतिनिधियों की ओर से कई बार शिकायतें हुई। मांग भी की गई, लेकिन अब तक भी समस्याओं के समाधान को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। अब मौसमी बीमारियों को लेकर भी स्थानीय पशुपालक चिंतित है।

नाम के हैं पशु चिकित्सक
पशुपालन मेंं अग्रणी आदिवासी बाहुल्य प्रतापगढ़ जिले में नाम मात्र के लिए 8 पशु चिकित्सक हैं। इसमें भी अरनोद, धरियावद, छोटी सादड़ी, पीपलखूंट उपखण्ड पर एक-एक चिकित्सक नियुक्त है। बाकी के चार चिकित्सक जिला मुख्यालय पर सेवारत हैं। ऐसे में सीतामाता अभयारण्य क्षेत्र में पशु चिकित्सक की गैर मौजूदगी भारी मुसीबत बन रही है।

हकीकत के आंकड़े
धरियावद उपखण्ड में वर्ष 2011 की पशुगणना के हिसाब से तीन लाख पशु मौजूद थे। नोडल मे एसवीओ के तीन पद रिक्त है तो वीओ चार में से तीन पद रिक्त हैं। वीए के पांच में पद भरे हैं। एलएसए २९ में से ९ पद रिक्त हैं। उपखण्ड में पारसोला, मूंगाणा एवं धरियावद में तीन प्रथम श्रेणी चिकित्सालय एंव २८ पशु चिकित्सा उप केन्द्र है। धरियावद में एकमात्र पशु चिकित्सक एवं पारसोला मे दो, मूंगाणा मे एक पशु चिकित्सा सहायक के साथ २० पशु चिकित्सा उप केन्द्र पर पशुधन सहायक हैं। आठ चिकित्सा उप केन्द्र गत एक वर्ष से बन्द हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो वर्तमान मे पूरे प्रदेश में 1907 पशु चिकित्सको के पद स्वीकृत हैं। इनमें करीब 60 फीसदी पद रिक्त हैं।

जारी है अभियान
केंद्र सरकार की ओर से प्रवर्तीत टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। government veterinary hospital खुरपका व मुंहपका से बचाव के लिए पशुओं को टीका लगा रहे हैं। अभियान के चलते कुछ केंद्रों को बंद रखना मजबूरी है।
डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा, नोडल पशु चिकित्सा अधिकारी, धरियावद

Published on:
27 Sept 2019 06:00 am