उदयपुर

यहां भी चाहिए इन्हें मनचाही थाली

- सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में भर्ती रोगी कर रहे हैं मनमाफिक थाली की मांग - चिकित्सालय प्रशाासन परेशान
2 min read
May 12, 2020
यहां भी चाहिए इन्हें मनचाही थाली
यहां भी चाहिए इन्हें मनचाही थाली

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. महाराणा भूपाल हॉस्पिटल में भर्ती रोगी अपने-अपने हिसाब से खाना मांग रहे है, अधिकांश रोगियों की नाश्ते से लेकर खाने तक में मांग अलग-अलग है, कोई ये समझने के लिए तैयार नहीं है कि ये हॉस्पिटल है यहां उन्हें उपचार करने के लिए रखा गया है। मनमर्जी की थाली की मांग से चिकित्सालय प्रशासन के सिर में दर्द होने लग गया है। आए दिन यहां मरीज चिकित्सकों और स्टाफ से उलझने लगे हैं। कोई शुद्ध वेज की तो कोई अंडे की मांग कर रहा है।

--------

कोरोना पॉजिटिव से लेकर संदिग्ध व अन्य वार्डों में फिलहाल विभिन्न समुदायों के लोग भर्ती है। अधिकांश मरीजों को उनके घर जैसा खाना चाहिए, वे अपने समुदाय व अपनी आदतों के हिसाब से यहां खाने की मांग कर रहे हैं। किसी को सुबह पोहा चाहिए तो किसी को गुजराती नाश्ता, किसी को मीठा खाने की आदत है तो किसी को स्पाइसी। सभी की अपनी मर्जी का खाना चाहिए, ऐसे में अब चिकित्सालय प्रशासन के सामने इन मरीजों को समझाने की भी बड़ी चुनौती है।

-------

प्राचार्य से कहा हमें काढ़ा पिलाइए सोमवार को प्राचार्य डॉ लाखन पोसवाल एसएसबी ब्लॉक में राउण्ड लेने पहुंचे थे, उन्होंने वार्ड में सेफ जोन तक पहुंचकर मरीजों से बातचीत की तो अधिकांश मरीजों को काढ़े की मांग थी, ऐसे में उन्होंने समझाया कि इसकी जरूरत नहीं है, दूसरी ओर कुछ मरीजों ने उनसे शिकायत की कि खाने में नमक कम आता है, इस पर उसे तत्काल दूर करने की बात कही गई। कई मरीजों की ये भी शिकायत थी कि उन्हें तो कुछ हुआ ही नहीं है फिर उन्हें यहां क्यों रखा गया है, ऐसे में पोसवाल ने उन्हें समझाया कि आसपास के दूसरे लोगों के साथ ही उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें यहां लाया गया है।

-------

सुबह चाय- 8 बजे दस बजे- दूध और अंडे, उपमा, पोहे, पारले जी 11.30- खाना, सब्जी, दलिया, सलाद, चपाती-6, दाल3 से 3.30 बजे- चाय6.00- खाना, रोटी, एक दाल व एक सब्जी, दूध और दलिया

-------

पॉजिटिव मरीजों में से अधिकांश की टेस्ट और सूंघने की क्षमता प्रभावित होती है, भूख कम हो जाती है। ऐसे में समस्या आ रही है, मैं स्वयं खाना खाकर जांच करता हूं इसके बाद ही परोसा जाता है। कोशिश करते हैं कि बेहतर कर सके।

डॉ मनीष शर्मा, किचन प्रभारी एमबी

-----

कई प्रकार की मांगे खाने में मरीज कर रहे हैं, जितना संभव हो सकता है उतनी हम व्यवस्था करते हैं, प्रयास ये ही रहता है कि सभी को संतुष्ट किया जाए, कई मांगे मानने वाली नहीं होती इसके लिए उन्हें समझाया जाता है।

डॉ लाखन पोसवाल, प्राचार्य आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर

Published on:
12 May 2020 07:05 am