उदयपुर

नगालैंड के फर्जी हथियार लाइसेंस के आरोपितों की रिमांड अवधि बढ़ी, पैसे बरामदगी के लिए आरोपितों को सूरत ले गई पुलिस

32 लाख की मांडवली के दो आरोपितों को जेल, एक रिमांड पर

2 min read
Nov 03, 2017

उदयपुर . नगालैंड के फर्जी लाइसेंस से हथियार रखने के मामले गिरफ्तार मुख्य सरगना व दलाल से राज्य के कुछ और जिलों में तस्दीक के लिए न्यायालय ने चार दिन का रिमांड बढ़ाया जबकि एक आरोपित को न्यायालय ने जेल भेज दिया। इधर, हथियार कांड में मांडवली करने वाले दो आरोपितों को भी न्यायालय ने न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए। मांडवली के 32 लाख रुपए लाने वाले सूरत के व्यापारी सम्पत कुमार अभी रिमांड पर ही है तथा मुख्य आरोपी लोकेश आचार्य फरार है।

पुलिस ने गत 21 अक्टूबर को फर्जी लाइसेंस के मामले में लालगढ़ तहसील के दीदासर (चूरू) हाल मथुरानगर चोपड़ावाड़ी गंगासर (बीकानेर) निवासी सरगना भंवरलाल पुत्र रामेश्वरलाल ओझा, दलाल त्रिलोकपुरा रानोली (सीकर) निवासी धर्मवीरसिंह शेखावत के अलावा उदयपुर के मार्बल उद्यमी ऋषभदेव निवासी अनंत कुमार पुत्र बंशीलाल कोठारी को गिरफ्तार किया था। आरोपितों का रिमांड समाप्त होने पर पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश किया।

न्यायालय ने अनंत को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया जबकि भंवर व धर्मवीरसिंह का रिमांड बढ़ाया है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस आरोपितों से बांसवाड़ा, जयपुर , सीकर, नागौर, बीकानेर , गंगानगर में अभी तफ्तीश करेगी। पुलिस का कहना है कि आरोपितों से बनाए नगालैंड के लाइसेंस से अब तक जयपुर बड़ी चौपड़ स्थित शिकार गन स्टोर से 309, राजस्थान गन हाउस जयपुर से 41 व सीकर गन स्टोर सीकर से 168 व्यक्तियों को हथियार व कारतूस सप्लाई किए गए। यह सभी लाइसेंस संदिग्ध हैं। आरोपितों से प्रारंभिक पूछताछ में करीब 125 लाइसेंस फर्जी बनाने की अब तक पुष्टि हो चुकी है।

मांडवली करने वाले मुख्य आरोपित फरार
हथियार के मामले में गिरफ्तार सरगना भंवरलाल ओझा को छुड़वाने के लिए 32 लाख रुपए की मांडवली करने वाले मुख्य आरोपित सेक्टर-14 निवासी लोकेश पुत्र पुरषोत्तम आचार्य का पता नहीं चला। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपित लूणकरणसर हाल सूरत निवासी सम्पत पुत्र तोलाराम सारस्वत को राशि बरामदगी के लिए सूरत लेकर गई, वहीं साथी आरोपित दलाल धरियावद हाल क्रिस्टिल प्लाजा सविना निवासी राजकुमार पुत्र रामेश्वरलाल आचार्य व अनिल पुत्र पुरषोत्तम आाचार्य को न्यायालय ने जेल भेज दिया। पुलिस अब तक मांडवली 20 लाख रुपए बरामद कर चुकी है। 12 लाख रुपए अभी बाकी है। गौरतलब है कि आरोपितों ने हथियार में गिरफ्तार भंवरलाल ओझा व रिश्तेदार श्याम ओझा को छुड़वाने के लिए पुलिस के नाम से 32 लाख रुपए लिए थे। राजस्थान पत्रिका ने गत 1 नवम्बर के अंक में ‘आदतन अपराधी ने मांडवली का दिया झांसा, सूरत से गुर्गा लेकर आया लाखों रुपए!’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर पूरी मांडवली का भांडा फोड किया था। पुलिस ने बाद में सभी आरोपितों को गिरफ्तार किया।

ये भी पढ़ें

उदयपुर: चहक हादसे से भी नहीं लिया सबक, अभी तक जारी मनमानी, नियमों की अनदेखी अभी भी जारी
Published on:
03 Nov 2017 03:10 pm
Also Read
View All