
मृतका आरती (पत्रिका फोटो)
कोटड़ा (उदयपुर): खांसी जुकाम होने पर शुक्रवार को इलाज कराने हॉस्पिटल पहुंची एक लड़की को चिकित्सा कर्मी द्वारा इंजेक्शन लगाने के बाद अचानक लड़की की तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया।
बता दें कि मौत के बाद परिजनों ने चिकित्सा कर्मी के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं, बीएपी पार्टी ने शव को मोर्चरी रखवाकर हंगामा करते हुए एक करोड़ का मुआवजा और नौकरी की मांग कर दी।
मामला मांडवा थाना क्षेत्र के कोदरमाल गांव का है। जहां शुक्रवार दोपहर माता-पिता के साथ आरती पुत्री इस्ताराम बुंबरिया उम्र 18 को खांसी जुकाम होने पर इलाज कराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मांडवा पहुंची। जहां चिकित्सा कर्मी ने बिना जांच के ही आरती को इंजेक्शन लगा दिया, कुछ ही देर बाद आरती की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। उपचार के लिए परिजन उप जिला चिकित्सालय कोटड़ा लेकर पहुंचे। उसके बाद उसने दम तोड़ दिया।
उक्त घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने चिकित्सा कर्मी पर लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं, ग्रामीणों ने डेड बॉडी को मुर्दाघर में रखवाकर हंगामा दिया और घटना की जानकारी मिलते ही बीएपी पार्टी के लोग भी हॉस्पिटल पहुंचे और आरती की मौत के बाद एक करोड़ का मुआवजा और घर के सदस्य को नौकरी की मांग की।
देर शाम होने से परिजनों और चिकित्सा कर्मियों के बीच मुआवजा की मांग पर हुई वार्ता सफल नहीं होने से अब शनिवार को फिर वार्ता होगी, उसके बाद ही पोस्टमॉर्टम होगा।
खांसी जुकाम होने पर बिना जांच के ही चिकित्सा कर्मी ने इंजेक्शन लगा दिया। हमारे सामने ही बेटी की तड़प-तड़पकर कर मौत हुई है। चिकित्सा कर्मी पर हत्या का मामला दर्ज हो।
-ईस्थाराम, पिता
मौके पर फिलहाल शांति है। आज चिकित्सा विभाग और परिजनों के बीच आपसी सुलह होने के बाद ही पोस्टमॉर्टम होगा।'
-चंद्रपाल सिंह, थानाधिकारी मांडवा
Published on:
02 May 2026 08:01 am
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