
जितेन्द्र पालीवाल @ उदयपुर. राज्य में बड़े पैमाने पर अवैध बजरी खनन में लिप्त माफिया पर शिकंजा कसने की सरकार ने तैयारी कर ली है। अब अवैध खनन और परिवहन के पीछे छिपे लोगों की पुष्टि भी की जाएगी तथा उन पर अपराध आरोपित किए जाएंगे। नदी तल से अवैध बजरी खनन कर रहे एक्सक्वेटर, भरकर ले जा रहे ट्रक-डम्पर और ट्रेक्टर पर जुर्माना भी बढ़ा दिया गया है।
सूत्रों ने बताया कि जोधपुर की लूणी नदी के तल में अवैध बजरी खनन को लेकर हाइकोर्ट के आदेश पर गत 15 अक्टूबर को खान और परिवहन विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक जनहित याचिका खेमसिंह बनाम राज्य सरकार पर हाइकोर्ट के निर्देशों को लेकर हुई। चर्चा में सामने आया कि वर्तमान में अवैध खनन में लिप्त वाहनों पर तय जुर्माना काफी कम है। निर्णयों को लेकर संयुक्त शासन सचिव भगवतीप्रसाद ने सम्बंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
ऐसे कसेगा शिकंजा
- जुर्माना बढ़ाकर राजस्थान अप्रधान खनिज रियायत नियमावली, 2017 में संशोधन कर जेसीबी-एक्सक्वेटर पर पांच लाख रुपए, ट्रक-डम्पर पर तीन लाख और ट्रेक्टर पर एक लाख रुपए कर दिया गया।
- खनिज परिवहन में प्रयुक्त वाहनों में जीपीएस लगवाए जाएंगे।
- परिवहन में काम आने वाले वाहनों का पंजीयन जीपीएस लगाने पर ही किया जाएगा तथा जीपीएस की निगरानी के लिए खान निदेशालय में एक स्पेशल सेल का गठन किया जाएगा।
- खान विभाग के ऑनलाइन सिस्टम (राज माइन्स) से अवैध खनन से सम्बंधित सूचना के लिए परिवहन विभाग की वेबसाइट को जोड़ा जाएगा, जिससे तालमेल के साथ अवैध खननकर्ताओं के विरुद्ध अपराध आरोपित किया जा सके।
- राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश के तहत पर्यावरणीय नुकसान के लिए शास्ति एक लाख रुपए अलग से अवैध परिवहनकर्ता से वसूले जाएंगे।
- अवैध बजरी खनन और परिवहन रोकने के लिए बॉर्डर होमगार्ड नियुक्त किए जाएंगे।
- अदालती आदेश के मुताबिक कार्रवाई में एकरूपता लाने के लिए खान, पुलिस, परिवहन और वन विभाग के अधिकारियों की एक समिति गठित की जाएगी।