उदयपुर

सीएम राजे की गौरव यात्रा के दौरान कटारिया नहीं बैठे रथ में, केवल चार मिनट ही बोले, चेहरे पर भी दिखी शिकन

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Aug 05, 2018
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उदयपुर.

गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया को भले ही राजस्थान गौरव यात्रा का संयोजक बनाया लेकिन राजसमंद की सभा में कटारिया के चेहरे पर शिकन थी। ऐसा लग रहा कि वे नाराज थे, कटारिया आगे वसुंधरा के साथ भी अलग-अलग थे, वे राजसमंद से नाथद्वारा तक रथ में भी नहीं थे और उससे पहले नाथद्वारा पहुंच गए। शाम को राजे जब नाथद्वारा पहुंची तब भी कटारिया नहीं थे, और वे एकलिंग जी भी नहीं गए, कटारिया शाम को नाथद्वारा के न्यू कॉटेज में आराम कर रहे थे।

संयोजक हैं लेकिन रथ में नहीं चढ़े
कारण बताते है कि उच्च शिक्षामंत्री किरण माहेश्वरी व कटारिया के बीच अंदर ही अंदर लड़ाई सामने आ रही है। सभा में जब भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और सीएम वसुंधरा राजे सभा स्थल पर पहुंचे तब कटारिया को बोलने के लिए कहा तो वे बोले में सक्षिप्त में अपनी बात रखुंगा। कटारिया ने अपनी बात में कांग्रेस को कोसा और वे मात्र 4 मिनट ही बोले। हम आपको बता दें जब उदयपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की खेलगांव में सभा हुई तब कटारिया ने स्वागत करते हुए लम्बा भाषण दिया था। भाजपा के अंदर भी एक चर्चा थी कि इस सभा में कटारिया कम क्यों बोले और वे शांत कैसे थे। सभा स्थल पर जब शाह, राजे, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन सैनी और किरण रथ में सवार हुए तब भी कटारिया रथ में नहीं थे, रथ के अंदर किरण थी, रथ के ऊपर से शाह, राजे व सैनी ने जनता का अभिवादन किया था, कटारिया यात्रा संयोजक हैं लेकिन वे रथ में नहीं चढ़े।

कटारिया राजसमंद-चारभुजा से कटे हुए भी थे
बताते हैं कि यात्रा शुरू करने वाले स्थान चारभुजानाथ व राजसमंद सभा स्थल पर भी तैयारियों को लेकर कटारिया ने ज्यादा रूचि नहीं दिखाई। कुछ दिन पहले और शुक्रवार को वे यहां आए थे। भाजपा के अंदर ही चर्चा है कि सभा राजसमंद मुख्यालय पर हो रही है और वे किरण माहेश्वरी के दूरियां होने से वे रूचि नहीं ले रहे हैं, यहीं नहीं किरण गुट के लोगों में तो चर्चा है कि किरण की मेहनत से भीड़ जुटी और किरण को मंच पर पूरा सम्मान और मौका दिया इसलिए कटारिया का मन नहीं लग रहा है।

कटारिया बोले, रथ में आज चढ़ जाऊंगा
पत्रिका ने रात दस बजे नाथद्वारा में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया से बातचीत की तो वे बोले कि मेरा अध्यक्ष शाह के आने से पहले मुझे बोलना था, लेकिन वे समय से पहले आ गए। बाद में किरण माहेश्वरी जी को स्वागत करते हुए बोलना था, फिर भी मुझे कहा कि एक मिनट तो बोलो, जितना कहा उतना बोल गया। मै भीड़ में नहीं चल सकता हूं, इसलिए रथ पर नहीं गया। जब पत्रिका ने पूछा कि राजसमंद से नाथद्वारा तक सीएम के साथ रथ में क्यों नहीं थे तो वे हंसकर टाल गए और बोले कि रथ में रविवार को नाथद्वारा से चढ़ जाऊंआ।

Updated on:
05 Aug 2018 03:03 am
Published on:
05 Aug 2018 02:29 am