उदयपुर. उदयपुर से जयपुर और आगरा चलने वाली वंदेभारत ट्रेन को करीब एक माह पूर्व बंद करके इसे उदयपुर से असारवा के बीच चलाया जा रहा है। इस ट्रेन में यात्री भार घटकर काफी कम हो गया है। ऐसे में इधर रेलवे ने यात्री भार बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रयास शुरू कर दिए हैं। उदयपुर से […]
उदयपुर. उदयपुर से जयपुर और आगरा चलने वाली वंदेभारत ट्रेन को करीब एक माह पूर्व बंद करके इसे उदयपुर से असारवा के बीच चलाया जा रहा है। इस ट्रेन में यात्री भार घटकर काफी कम हो गया है। ऐसे में इधर रेलवे ने यात्री भार बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रयास शुरू कर दिए हैं।
उदयपुर से जयपुर और आगरा सप्ताह में तीन-तीन दिन वंदेभारत का आवागमन हो रहा था। इस ट्रेन को 18 फरवरी से सप्ताह में छह दिन उदयपुर से असारवा के बीच चलाने का निर्णय लिया। इस ट्रेन में वर्तमान में 25 से तीन प्रतिशत यात्री भार आ रहा है। रेलवे प्रबंधन की ओर से यात्री भार बढ़ाने के प्रयास भी शुरू कर दिए हैं, लेकिन इनसे भी आशानुरूप सफलता मिलती हुई नहीं दिखाई दे रही।---------
इतना ही मिल रहा यात्री भारवंदेभारत ट्रेन में साधारण चेयर कार की 476 सीटें है और एक्जीक्यूटिव क्लास की 52 सीटें हैं। इसमें प्रतिदिन 150 से 160 यात्री ही सफर कर रहे हैं। दोनों ही क्लास में 25 से 30 प्रतिशत ही यात्री भार मिल रहा है। सूत्रों के अनुसार ट्रेन में सप्ताह में एक दिन सोमवार को 30 प्रतिशत से अधिक यात्री भार मिल रहा है।
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बार-बार बदला जा रहा गंतव्यवंदेभारत को सबसे पहले सप्ताह में छह दिन उदयपुर से जयपुर चलाया गया। इस ट्रेन का यात्रीभार बढ़कर 50 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गया था। इसी दौरान इसे सप्ताह में तीन दिन आगरा वाया कोटा होकर चलाया जाने लगा। इसके बावजूद जयपुर रूट पर यात्रीभार बढ़कर 70 प्रतिशत हो गया था। फिर भी इन दोनों रूटों को बंद करके वंदेभारत को असारवा चलाया जाने लगा।
-----------नए रूट पर चलाने का निर्णय गलत
जानकारों के अनुसार, जयपुर की वंदेभारत को नए रूट से आगरा चलाने का रेलवे का निर्णय गलत साबित हुआ। इसे आगरा वाया जयपुर ही चलाया जाता तो इसमें अच्छा यात्री भार मिलता। इधर कुछ माह बाद उदयपुर से सूरत वाया अहमदाबाद नई वंदेभारत ट्रेन शुरू करनी चाहिए थी।