उदयपुर

Diwali 2018: 400 साल से भी अधिक पुराना है राजस्थान में स्थित ये ‘महालक्ष्मी‘ मंदिर, समुद्र मंथन से प्रकट हुई थी माता की प्रतिमा

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Nov 06, 2018
Goddess Laxmi

उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर शहर के भट्टियानी चौहटा में एक मात्र महालक्ष्मी मंदिर है। दीपोत्सव पर यहां विशेष दर्शन होते है। दीपोत्सव पर यहां चार दिन उत्सव रहता है। धनतेरस से खेखरे तक यहां मंदिर पर दर्शनार्थियों की भीड़ रहती है। महालक्ष्मी का प्राकृटोत्सव श्राद पक्ष की अष्टमी को होता है।

मान्यता है कि महालक्ष्मी समुद्र मंथन से प्रकट हुई हैं। श्रीमाली जाती सम्पति व्यवस्था ट्रस्ट के अध्यक्ष कन्हैयालाल त्रिवेदी ने बताया कि महालक्ष्मी मंदिर तत्कालीन महाराणा जगत सिंह के वक्त बना था। यह मंदिर करीब 400 वर्ष पुराना है। इस मंदिर का निर्माण जगदीश मंदिर के निर्माण के वक्त जो पत्थर व सामग्री बच गई थी उससे हुआ था, वही इस मंदिर के निर्माण के बाद जो सामग्री बची उससे मंदिर के सामने गणेश मंदिर का निर्माण करवाया था। उन्होंने बताया कि महालक्ष्मी की प्रतिमा भीनमाल से लाए थे। यह प्रतिमा सफेद पत्थर के हाथी पर बैठी हुई है। उन्होंने बताया कि महालक्ष्मी श्रीमाली समाज की कुलदेवी है। मंदिर पर व अंदर श्रीमाली समाज विद्युत सजा करता है व जगदीश चौक से रंग निवास तक भट्टियानी चौहटा दीपोत्सव समिति की ओर से विद्युत सजा की जाती है।

Published on:
06 Nov 2018 03:12 pm