उदयपुर

अगर, नियमित बंटता है पोषाहार तो बच्चे कैसे हैं कुपोषण का शिकार

mal nutrition विधायक परमार ने सीडीपीओ से पूछा कि कहां जाता है पोषाहार
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अगर, नियमित बंटता है पोषाहार तो बच्चे कैसे हैं कुपोषण का शिकार
अगर, नियमित बंटता है पोषाहार तो बच्चे कैसे हैं कुपोषण का शिकार

उदयपुर/ भाणदा. mal nutrition खेरवाड़ा उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत हर्षावाड़ा में प्रशासनिक प्रयासों के बीच लगाए गए शिविरों में अतिकुपोषित व कुपोषित बालकों के सामने आने का मामला रविवार को उस समय तूल पकड़ लिया, जब स्थानीय विधायक डॉ. दयाराम परमार ने गांव का दौरा किया। सीधी सरल भाषा में डॉ. परमार ने महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधियों से यह जानने का प्रयास किया कि अगर, बच्चे कुपोषित मिल रहे हैं तो विभाग की ओर से बंटने वाला पोषाहार कहां जाता है। विधायक ने तल्ख तेवर दिखाते हुए यह भी पूछना चाहा कि सरकार की ओर से बंटने वाला पोषाहार गर्भवती तक भी पूरा पहुंचता है या नहीं। बिना देर लगाए विधायक ने मौजूद महिलाओं से भी पोषाहार को लेकर जानकारी मांगी, लेकिन आम महिलाओं की ओर से इस बारे में संंतोषप्रद जवाब नहीं दिया गया।
इस पर पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक ने खेरवाड़ा की बाल विकास परियोजना अधिकारी सरोजनी लड्ढा को व्यवस्था सुधार करने की हिदायत दी। यहां परियोजना अधिकारी ने खुद का बचाव करते हुए समस्या का जिम्मेदार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बताया। परियोजना अधिकारी ने कहा कि आंगनबाड़ी स्तर पर अनियमितताएं की जा रही हैं, जबकि विभाग स्तर पर आंगनबाड़ी केंद्रों पर समय पर पोषाहार पहुंचाया जा रहा है। इस पर विधायक ने अनियमितता में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही।
शिविर की दी जानकारी
इधर, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण मीणा ने विधायक को शिविर की जानकारी दी। साथ ही 15 दिन तक प्रस्तावित शिविर में पोषाहार का खाका पेश किया। खेरवाड़ा तहसीलदार युवराज सिंह कौशिक ने बताया कि हर्षावाड़ा में कुल 36 बालकों में कुपोषण की बात बताई। मौके पर कांग्रेस प्रवक्ता गणेश मीणा, तहसीलदार युवराज सिंह कौशिक, नायब तहसीलदार पूनमाराम चौधरी, विकास अधिकारी राकेश कुमार वर्मा, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पहाड़ा के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक मीणा, जीएनएम प्रवीण लबाना, पहाड़ा पुलिस थाने के एएसआई भंवरसिंह , आरआई चेतन कुमार, सरपंच केशव सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

अन्य जगहोंं पर जांच
हर्षावाड़ा में कुपोषित बच्चों के सामने आने के बाद स्थानीय विधायक डॉ. परमार ने मौजूद अधिकारियों को दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में कुपोषण जांचने की बात कही। mal nutrition एक अनुमान बताते हुए उन्हेंाने दूर क्षेत्रों में कुपोषित बच्चों की संख्या अधिक होने की बात कही।

Published on:
09 Dec 2019 06:00 am