
उदयपुर . पॉश इलाके अशोक नगर-सुखसागर पैलेस के पीछे 10 दिन पहले नंग-धड़ंग मिला युवक मदनसिंह नाई क्षेत्र में एक समृद्ध परिवार का निकाला। गलत संगत के कारण परिवार ने उससे नाता तोड़ लिया और उसकी मानसिक स्थिति खराब हो गई थी। अस्पताल में उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसका हुलिया बदलते हुए बाल व दाढ़ी कटवाए तो नारायण सेवा संस्था ने कपड़ों का बंदोबस्त किया। स्वस्थ होते ही डिस्चार्ज टिकट पर खुद हस्ताक्षर कर रवाना हो गया।
राजस्थान पत्रिका ने बाल कल्याण समिति के सहयोग से युवक को एमबी चिकित्सालय पहुंचाया था। मानसिक वार्ड में चिकित्सक गुरुदीप कौर के नेतृत्व में टीम ने उसका इलाज किया। बेहतर इलाज के साथ ही मदन सिंह के ब्लड भी चढ़ाया गया। चार-पांच दिन में ही स्वस्थ होकर उसने स्वयं सीडब्ल्यूडी सदस्य बी.के.गुप्ता को अपना परिचय देकर परिजनों के नाम-पते बताए। गुप्ता ने नाई थानाधिकारी नाथूसिंह को सूचना दी लेकिन वे उसे मिलने अस्पताल
नहीं आए।
छठीं पास, परिजनों ने तोड़ा नाता
परिजनों ने बताया कि पूर्व में मदनसिंह की हालत अच्छी थी, गलत संगत के कारण वह बिगड़ गया। चोरी व अन्य वारदातों में लिप्त होने पर परिजनों ने उसे सुधारने के काफी प्रयास किया। धीरे-धीरे उसकी मानसिक स्थिति खराब होने पर वह घर से गायब होने लगा। पहले परिजन उसे ढूंढकऱ लाते थे, फिर वह खुद ही दो से तीन दिन में आने लगा। अब वह लम्बे समय से वापस घर भी नहीं लौटा। परिजनों ने भी उससे संबंध तोड़ दिए। मदनसिंह छठी पास है और पूर्व में उसका रिश्ता भी हुआ था। अस्पताल से डिस्चार्ज होकर वह कहां गया, किसी को पता नहीं। इस बीच, अलर्ट संस्थान के जीतेन्द्र मेहता ने उसके पुर्नवास का जिम्मा लिया, वे अभी मदनसिंह को ढूंढ़ रहे हैं।
पत्रिका ने पहुंचाया था अस्पताल
अशोकनगर सुख सागर पैलेस के पीछे नाली के किनारे गत 9 नवम्बर को युवक मदनसिंह नंग धडंग़ पड़ा था। पत्रिका व सीडब्ल्यूसी के सदस्य गुप्ता ने उसे अस्पताल पहुंचाया था। मोहल्लेवासी ने बताया था कि वह पिछले छह दिन से वहीं पड़ा था।
बढ़ी हुई दाढ़ी, लम्बे बाल, धंसी हुई आंखें, पिचका हुआ पेट, नग्नावस्था और शून्य में ताकता यह शख्स कभी नाली में पड़ी जूठन को निवाला बना रहा था तो कभी मोहल्लेवासियों द्वारा फेंकी गई खाने-पीने की चीजों का सेवन कर रहा था। उसके पूरे शरीर से बदबू आ रही थी। लोगों ने इसके बारे में संबंधित थानापुलिस को भी सूचना दी लेकिन किसी ने उसकी सुध नहीं ली।