शहीद नारायणलाल गुर्जर की पार्थ‍िव देह शुक्रवार देर रात या फ‍िर शनिवार सुबह तक आने की संभावना है।
उदयपुर/राजसमंद. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए नारायणलाल गुुुुर्जर की शहादत पर पूरे देश को गर्व है तो वहीं इस कायराना हमले के खिलाफ लोगों में आक्रोश है। शहीद नारायणलाल गुर्जर की पार्थिव देह शुक्रवार देर रात या फिर शनिवार सुबह तक आने की संभावना है। इसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।
गांव का बच्चा-बूढ़ा लहू में रंगे अपने बेटे को आखिरी बार देखने को बेताब है। लोग उनकी अगवानी को एक शहादत का जश्न का रूप देने की तैयारी में जुट गए हैं। फूलों की बारिश की जाएगी, बैण्ड-बाजों पर देशभक्ति धुनें रगों में जोश भरेगी। कुछ ऐसा ही माहौल इस वक्त है राजसमंद जिले के बिनोल गांव में, जहां के नारायणलाल गुर्जर (38) पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हो गए।
ये अधिकारी पहुंचे
बिनोल में राजसमंद पुलिस उप अधीक्षक दुर्ग सिंह, तहसीलदार पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार की ओर से अंतिम संस्कार के तमाम बंदोबस्त किए जा रहे हैं। नारायणलाल के मित्र, शिक्षकों और बड़ी तादाद में परिचितों का आगमन जारी है। शाम तक पार्थिव देह यहां पहुंचने की सम्भावना है। अंतिम यात्रा की ग्रामीणों की ओर से भी तैयारियां की जा रही हैं। उदयपुर के डबोक स्थित एयरपोर्ट से पार्थिव देह लाते समय रास्ते में भी जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धांजलि दी जाएगी।
यह है परिवार
नारायण के परिवार में माता-पिता का देहांत हो चुका है। पत्नी मोहनी देवी (36), पुत्री हेमलता (17) और पुत्र मुकेश (11) हैं। एक भाई गोवद्र्धनलाल, काका रामलाल गुर्जर के अलावा अन्य रिश्तेदार हैं।
कल होगा अंतिम संस्कार
सीआरपीएफ जवान की शहादत पर उन्हें नमन करते हैं। मेरी जम्मू-कश्मीर बात हुई है। सम्भवतया शाम तक पार्थिक देह पहुंचेगी। कल राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया जाएगा।
अरविन्द पोसवाल, जिला कलक्टर, राजसमंद