
भुवनेश पंड्या/उदयपुर. आज से पांच दिवसीय पर्व दीपावली की शुरुआत धनतेरस से हो जाएगी, लेकिन इस त्योहार के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाला वार्ड बदहाल है। पटाखों से लेकर दीपोत्सव पर खास तौर से रोशनी के कारण ये वार्ड बेहद पुख्ता होना चाहिए, लेकिन यहा सब कुछ उलट है।पत्रिका टीम ने मौके पर पहुंच जब हालात जाने तो नजर आया कि बर्न वार्ड में प्रवेश से पहले किटाणु हटाने के लिए जो एयर कर्टन मशीन लगाया गया है, उसे बंद कर रखा था, साथ ही वार्ड के द्वार खुले थे और एसी बंद। इतना ही नहीं यहां मरीजों के परिजनों की आम वार्ड की तरह रेलमपेल लगी हुई थी। बिना मास्क लगाए परिजन मरीजों के बिस्तरों पर पसरे दिखे तो एक महिला तो वहीं बैठकर खाने के लिए थाली में भोजन लेकर आई थी, जैसे ही पत्रिका टीम को देखा तो वह थाली लेकर बाहर की ओर भागने लगी।बर्न वार्ड के चिकित्सक प्रभारी डॉ एमएल मईडा से व्यवस्थाओं को लेकर बात करने के लिए फोन पर सम्पर्क किया तो उन्होंने कहा कि वह तो अवकाश पर है, व्यवस्थाओं को लकर बात करने पर उन्होंने जानकारी हॉस्पिटल से ही लेने की बात कही। दीपावली की व्यवस्थाओं पर वह कुछ नहीं बोल पाए। सामान्य बर्न के लिए सिल्वर सल्फाडाइन ट्यूब और डिब्बी पूरी मात्रा में हॉस्पिटल में उपलब्ध है। अधिक बर्न की स्थिति में तो सर्जरी वार्ड में मरीज को भेजा जाता है।
केवल 18 बिस्तर
दीपावली पर बर्न वार्ड की तैयारियां बेहद पुख्ता होनी चाहिए, जबकि यहां हाल बिलकुल उलट नजर आए। बर्न वार्ड में फिलहाल 18 बिस्तर उपलब्ध हैं, इनमें से 11 बिस्तरों पर मरीज भर्ती हैं। ऐसे में यदि अधिक मरीज आते हैं तो कहा रखेंगे इसके लिए कोई अलग से व्यवस्था नहीं है। आम दिनों की तरह यहां स्टाफ भी सुबह - शाम तीन-तीन लोगों का है, अतिरिक्त तैयारियों के नाम पर कुछ नहीं है। यहां मौजूद एक नर्सिंगकर्मी ने बताया कि नर्सिंग प्रभारी अवकाश पर है। सुबह शाम जैसे सामान्य ड्यूटी लगाई जाती है, वह लगाई हुई है।
टीम को सचेत कर दिया है, कही किसी भी समस्या के लिए तत्काल व्यवस्था हो जाएगी। बर्न वार्ड की व्यवस्थाओं को और बेहतर कर दिया जाएगा।
डॉ लाखन पोसवाल, अधीक्षक महाराणा भूपाल हॉस्पिटल