
भुवनेश पंड्या/उदयपुर . मलेरिया पीवी एवं पीएफ के मामले में उदयपुर प्रदेश में अव्वल है, लेकिन इसकी रोकथाम में सबसे फिसड्डी है। रोकथाम के लिए जिम्मेदार अधिकारी इतने बेखर हैं कि उन्हें यह तक नहीं पता कि कहां फोगिंग की और कहां नहीं। हालांकि वे दोहराते रहे कि शहर के सभी 55 वार्डों में फोगिंग हो चुकी है, लेकिन उनके इस दावे को शहरवासी सिरे से खारिज कर रहे हैं।पत्रिका ने पड़ताल की तो सामने आया कि फोगिंग के नाम पर चिकित्सा विभाग के पास कोई बजट नहीं हैं। पायथ्रेसम, पायरेथ्रिन और टेमी फोस जैसे कैमिकल चिकित्सा विभाग के मुख्यालय से पहुंचता है, जबकि डीजल और केरोसिन नगर निगम के माध्यम से उपलब्ध होता है, लेकिन विभाग यह बता नहीं पा रहा कि कितनी मात्रा में इनसे फोगिंग की गई।
जिम्मेदारों ने यों किया टाल-मटोल
पत्रिका ने इसे लेकर सबसे पहले डिप्टी सीएमएचओ डॉ राघवेन्द्र राय से बात की तो उन्होंने बताया कि विभाग के पास फोगिंग को लेकर कोई अतिरिक्त बजट नहीं होता। इसके लिए तो निगम खर्च करता है, उनका काम तो केवल अपने कार्मिक भेजकर मुख्यालय से आए पायथ्रेसम और टेमीफोस उपलब्ध करवाना है।
- इस पर जब नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी नरेन्द्र श्रीमाली से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि चिकित्सा विभाग और निगम का संयुक्त दल यह कार्य करता है, लेकिन पूरी जानकारी गैराज प्रभारी बाबूलाल दे पाएंगे।
- बाबूलाल से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि खर्च केवल विभाग की गाडिय़ों को संबंधित क्षेत्र तक पहुंचने में डीजल-पेट्रोल का होता है। वह इतनी ही जानते हैं। खर्च का ब्योरा मांगने पर बाबूलाल ने खर्च की जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई।
- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दिनेश खराड़ी ने बताया कि जब-जब निगम हमें दल उपलब्ध करवाने की कहता है, तो हम टीम भेज देते हैं।
इस सप्ताह मलेरिया की स्थिति
- खून के नमूने लिए 4054
- मलेरिया पॉजिटिव 23
- मलेरिया पीवी 17
- मलेरिया पीएफ 06
इस वर्ष अब तक की रिपोर्ट
- खून के नमूने लिए 349072
- मलेरिया पॉजिटिव 1042
- मलेरिया पीवी 869
- मलेरिया पीएफ 173
कुल डेंगू इस सप्ताह
नमूने लिए - 24
पॉजिटिव 4
शहरी 3
ग्रामीण 1
इस वर्ष डेंगू का ब्योरा
(अब तक )
नमूने लिए 507
डेंगू पॉजिटिव 56
शहरी 35
ग्रामीण 21