
प्र्र्रमाेद साेनी/ उदयपुर . आदिवासी बहुल(mewar's play gavri )मेवाड़ में इन दिनों भील जनजाति की अटूट श्रद्धा एवं उपासना का प्रतीक पारंपरिक( gavar )गवरी नाट्य की धूम मची है। रविवार को बलिचा में एक साथ छह गांवों के कलाकारों ने गवरी खेली। ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा की ओर से हुए इस आयोजन में अलसीगढ़, पाई, उन्दरी, कैली, करनाली, वरड़ा गांव की गवरियों का मंचन हुआ। इस अवसर पर विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया, सांसद अर्जुनलाल मीणा, देहात अध्यक्ष भंवरसिंह, प्रधान तख्तसिंह, झामेश्वर मंडल अध्यक्ष अमृतलाल मेनारिया, नांदेश्वर मंडल अध्यक्ष दिनेश धाबाई व जिला परिषद सीईओ कमर चौधरी मौजूद थे। यह गवरी का आयोजन २५ वर्षो से करते आ रहे हैं। गवरी नृत्य के दौरान आपसी भाईचारा भी दिखने को मिलता है। अच्छी वर्षा व फ सल, महामारी से पशुधन एवं मानव की रक्षा की कामना से गवरी का अनुष्ठान किया जा रहा है। इस दौरान गणपति, भंवरया, गोमा, मीणा, कालू कीर, कान गुर्जरी, भियावड़, देवी अंबा, बादशाह की फौज, बंजारा, शिव-पार्वती आदि खेल खेले गए।