
उदयपुर . पांच माह पूर्व जनता ने माननीय (विधायक) चुन लिए लेकिन वे अपने क्षेत्र में जन के काम नहीं करवा पा रहे हैं। नई सरकार से विधायकों को मिलने वाली राशि नहीं मिलने से विकास रुके पड़े हैं। प्रदेश की नई सरकार ने लोकसभा की आचार संहिता लागू होने से पूर्व यह किस्त जारी नहीं की जिससे विधायक इस अवधि में कुछ नहीं कर सके।
विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के बाद विधायकों ने जिन कार्यों को स्वीकृति दे रखी थी, वे अटक गए। यह आचार संहिता खत्म हुई और नई सरकार काम करती, उससे पहले ही लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लग गई। जिले के आठों विधायक ी राशि नहीं मिलने से नाराज हैं।
उनका कहना था कि सरकार को यह पता था कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होगी, उससे पहले नवनिर्वाचित विधायकों को किस्त जारी कर दे लेकिन उसने गंभीरता नहीं दिखाई। विधायकों का कहना है कि पूर्व के काम रुक गए और नए काम वे करवा नहीं पा रहे है क्योंकि जिला परिषद को विधायक कोटे का धन नहीं मिला हैं। विधायकों को राज्य सरकार से विधायक क्षेत्रीय विकास कोष में प्रति वर्ष 2.25 करोड़ रुपए मिलते हैं।
सरकार है या नहीं
विधायक कोटे की किस्त नहीं मिली है, पांच महीने हो गए हैं। मुझे पता ही नहीं चल रहा है कि प्रदेश में सरकार है या नहीं। सोमवार को प्रमुख शासन सचिव से मिलकर राशि जारी करने को कहा। अमृतलाल मीणा, विधायक सलूंबर
आचार संहिता से पहले के काम रोक दिए गए। नए काम का पैसा नहीं मिला। विधायक चुनने के बाद जिस अवधि में आचार संहिता नहीं थी तब राशि जारी करनी चाहिए थी। हम फिर विधायक बन गए लेकिन जनता का एक पैसा का काम नहीं करवा सके हैं।
फूलसिंह मीणा,विधायक उदयपुर ग्रामीण
आचार संहिता थी
क्षेत्र की जनता की काफी उम्मीद रहती है कि विधायक मद से राशि व काम स्वीकृत हों लेकिन आचार संहिता के चलते यह राशि आवंटित नहीं हुई। अब राशि जारी हो जाएगी।
गजेन्द्र सिंह शक्तावत, विधायक वल्लभनगर