रुण्डेड़ा तालाब पर उदयपुर व चित्तौड़गढ़ से वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर की टीम पहुंची
रुण्डेड़ा(उदयपुर). सर्दी बढने के साथ-साथ ही रुण्डेड़ा तालाब व एनिकट पर मेहमान परिंदों की चहलकदमी बढ़ती जा रही है। इन पक्षियों की अठखेलियां आकर्षित कर रही है। छोटे पक्षी शिकारी पक्षियों का शिकार बन रहे हैं। रूण्डेड़ा तालाब पर कई देशी-विदेशी पक्षी देखने को मिल रहे हैं, जैसे ब्लेक नेक्ड स्टॉर्क, फेरूजिनियस पोचार्ड, नार्दन शॉवलर, रडी शैल डक, कॉमन पोचार्ड, ग्रीन विग्ड टील, ग्रेटर स्पाटेड ईगल, मोन्टेग्युज हैरियर, मार्श हैरियर, शॉर्ट टॉ स्नेक ईगल, कॉमन चिट चॉफ, रेड ब्रेस्टेड फ्लाई केचर, पर्पल हेरॉन, ग्रे हेरॉन आदि।
इधर, बुधवार को एक अद्भुत नजारा भी देखने को मिला, जहां एक ओर पर्पल हेरॉन ने एक कील बैक सांप को चोंच में पकड़ लिया, वही सांप ने भी जिंदगी बचाने के लिए अपने शरीर को हेरॉन की गर्दन के अगल-बगल लपेट लिया। बात यहां खत्म नहीं हुई, पास के पेड़ पर बैठा प्रवासी शिकारी पक्षी ग्रेटर स्पॉटेड ईगल भी इस उनके संघर्ष को देख रहा था और अब इस लड़ाई में वो भी उतर गया, प्रवासी ईगल ने भी पानी वाले सांप को हेरॉन से छीनने की कोशिश की, परंतु हेरॉन पानी में उगी बड़ी घास में छिप गया, कुछ देर तो ईगल वहां रुका रहा पर फिर उसने वहां से उड़ान भर ली।फोटोग्राफर्स द्वारा कड़ी मेहनत करने के बावजूद भी संघर्ष में विजेता को देखा ना जा सका,क्योंकि कुछ देर बाद हेरॉन अपनी गर्दन में लिपटे हुए सांप को लेकर खेतों के पार उड़ निकला। ये अद्भुत और बहुत कम दिखने वाला नजारा उदयपुर व चित्तौड़गढ़ से आई वाइल्ड लाईफ फोटोग्राफर्स की टीम के शशि दुष्यंत, रोहित द्विवेदी, दीपाल सिंह कालरा और शरद अग्रवाल ने अपने कैमरे में कैद किया ।
इनका कहना है
पर्पल हेरॉन एक बडे आकार का शिकारी पक्षी है ,जो अपनी पकड़ में आने वाले हर प्रकार के जीव का शिकार कर लेता है और हेरॉन की गर्दन में लिपटा सांप चेकर्ड कील बैक सांप है, जिसे आम बोलचाल में पानी वाला सांप भी कहा जाता है जो कि जहरीला नहीं होता है, लेकिन इसका काटना बहुत ही दर्दनाक हो सकता है।
शरद अग्रवाल, पक्षी विशेषज्ञ, उदयपुर