
उदयपुर. शहर की जनता के स्वास्थ्य पर नगर निगम की अनदेखी भारी पड़ रही है। एक तरफ जहां शहर को स्मार्ट सिटी बनाने का काम हो रहा है तो दूसरी तरफ शहर में खाली पड़े भूखंड़ो में खुलेआम कचरा जलाया रहा है। खुले में कचरा जलाने से उसके आस-पास के लोग दमा , एलर्जी सहित कई रोगों की चपेट में आ रहे हैं। इसका सर्वाधिक असर बुजुर्गों एवं बच्चों पर हो रहा है। साथ ही प्रदूषण को फैल रहा है। यह शहर की हर कॉलोनी की कहानी है। इसकी एक बानगी अरविंद नगर, सुंदरवास है। यहां खाली पड़े भूखंड में कचरा जलाया जाता है जिससे कॉलोनों के लोगों के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। पत्रिका टीम मौके पर पहुंची तो वहां निगम के कर्मचारियों ने पानी डालकर आग बुझा दी थी। कॉलोनीवासियों ने बताया कि उन्होंने लगातार नगर निगम में फोन किया तब यहां टीम पहुंची है। मौके पर मौजूद निगम के जगदीश जमादार का कहना कहना था कि शहर की हर दूसरी-तीसरी कॉलोनी की यही कहनी है। लोग खुले में कचरा फैलाने से रुकते नहीं हैं। कॉलोनीवासियों के अनुसार यह भूखंड करीब दो दशक से खाली पड़ा है।
नागरिक भी जि मेदारी समझें
लोगों का कहना है कि शहर की कई कॉलोनियों में कचरे उठाने वाली गाड़ी लगभग रोज आती है फिर भी लोग खुले में कचरा फैंकते हैं। लोगों अपनी इस आदत में सुधार करके कचरे को गाड़ी में ही डालने और शहर को स्वच्छ बनाने की जि मेदारी समझनी होगी।
मार्च से अब तक खाली पड़े 88 भूखंड़ों को नोटिस दिए गए हैं जिसमें से 32 भूखंड़ों का आवंटन खारिज किया जा चुका है। सिद्धार्थ सिहाग, सीईओ, नगर निगम