
Udaipur Election Duty Rule: नगरीय निकाय एवं पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 में ड्यूटी के लिए अधिग्रहित कार्मिकों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर चुनाव ड्यूटी से मुक्ति के लिए मेडिकल बोर्ड की जांच से गुजरना होगा। इसके लिए उदयपुर के महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय में मेडिकल बोर्ड गठित किया जाएगा। संबंधित कार्मिक को अपने स्वास्थ्य से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपस्थित होना होगा। चिकित्सालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल स्वास्थ्य संबंधी समस्या बताने मात्र से चुनाव ड्यूटी से राहत नहीं मिलेगी बल्कि संबंधित कार्मिक की मेडिकल जांच और दस्तावेजों के आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा।
नए नियम के अनुसार चुनाव ड्यूटी से स्वास्थ्य कारणों से मुक्ति चाहने वाले कार्मिकों को प्रार्थना पत्र के साथ उपचार से संबंधित सभी दस्तावेज और आधार कार्ड की प्रति प्रस्तुत करनी होगी। ये एमबी चिकित्सालय की सामान्य शाखा, अधीक्षक कार्यालय के कमरा संख्या 4 में जमा करवाने होंगे। मेडिकल बोर्ड संबंधित कार्मिक की बीमारी और उपलब्ध चिकित्सा अभिलेखों के आधार पर स्वास्थ्य स्थिति का परीक्षण करेगा। कार्मिकों को सलाह दी गई है कि वे अपनी बीमारी से संबंधित पुराने उपचार, जांच रिपोर्ट, चिकित्सकीय पर्चे और अन्य जरूरी दस्तावेज साथ लेकर आएं ताकि बोर्ड के सामने उनकी स्वास्थ्य स्थिति की सही जानकारी उपलब्ध हो सके। दस्तावेज जमा होने के बाद संबंधित कार्मिक की समस्या और उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों के आधार पर मेडिकल बोर्ड की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
चिकित्सालय प्रशासन के अनुसार न्यूरोलॉजी संबंधी समस्या वाले कार्मिकों के लिए मेडिकल बोर्ड गठन की प्रक्रिया सोमवार या गुरुवार को शुरू की जाएगी। वहीं न्यूरोसर्जरी संबंधी समस्या वाले कार्मिक मंगलवार या शुक्रवार को मेडिकल बोर्ड के लिए उपस्थित हो सकेंगे। अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से संबंधित कार्मिक किसी भी कार्य दिवस में सुबह 10 बजे चिकित्सालय पहुंचकर मेडिकल बोर्ड गठन की प्रक्रिया पूरी करवा सकेंगे। चिकित्सालय प्रशासन ने कार्मिकों से निर्धारित दिनों और समय का ध्यान रखने की अपील की है ताकि मेडिकल बोर्ड की प्रक्रिया में अनावश्यक परेशानी न हो। संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध होने के बाद ही बोर्ड का गठन किया जाएगा।
बोर्ड का गठन चिकित्सालय की ओपीडी में उपलब्ध संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता के अनुसार किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद मेडिकल बोर्ड अपनी रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कार्मिक की चुनाव ड्यूटी से मुक्ति के संबंध में आवश्यक निर्णय के लिए रिपोर्ट उपलब्ध कराएगा।