उदयपुर

Padmavati Controversy : फिर शुरू हुई महाभारत, करणी सेना ने कहा, पूरे देश में कहीं नहीं होने देंगे फिल्म का प्रदर्शन

करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कानोड़ में सभा, पद्मावती फिल्म के निर्माता का पुतला फूंका

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कानोड़. राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि जब-जब भी क्षत्रिय समाज मौन रहा है इतिहास से छेड़छाड़ की गई है। इसे कतई सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया, आईएसआई व दाउद के निर्देश पर ही इस फिल्म का निर्माण किया जा रहा है। गोगामेड़ी ने कहा कि अपमान करने वाली ऐसी फिल्म का प्रदर्शन पूरे देश में किसी स्थिति में नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान में सरकार ने समाज की सहमति के बिना फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने देने का लिखित में आश्वासन दे रखा है। गोगामेड़ी ने छुआछूत, दहेज प्रथा का विरोध करते हुए बालिका शिक्षा पर जोर दिया व समाजजनो से नशे से दूर रहने का आह्वान किया।

डॉ. गोविन्द सिंह सोलंकी ने समाजजनों का आह्वान किया कि उन्हें रक्षा करनी होगी । प्रदेश प्रवक्ता हेमेन्द्र्र सिंह काछोला ने कहा कि हम लोग फिल्म के दृश्य हटवाना नहीं फिल्म ही नहीं चलने देंगे । चित्तौडगढ़ जिलाध्यक्ष रणजीत सिंह फतेहपुरा ने कहा की आगामी दिनो में सर्व समाज का सम्मेलन खडग़दा में होगा। सभा को भीलवाड़ा जिलाध्यक्ष प्रतिभा चुण्डावत, डूंगला पूर्व प्रधान गणपत सिंह चुण्डावत, राजपूत करणी सेना के भीलवाड़ा जिलाध्यक्ष तेजपाल सिंह, पुष्पेन्द्र सिंह कोटा , दिग्विजय सिंह बाठेड़ा, राम सिंह, पृथ्वीपाल सिंह आमली, सोपाल सिंह भीरमी, सुल्तान सिंह कोटड़ी, भदेसर पूर्व प्रधान लाल सिंह, विजय सिंह खेड़ी आदि ने संबोधित किया। स्वागत उद्बोधन नगर इकाई अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह ने किया।


सांसद जोशी की प्रशंसा: सभा में चित्तौडगढ़़ सांसद चन्द्रप्रकाश जोशी की गोगामेड़ी ने सराहना करते हुए कहा कि एक मात्र सांसद ने फिल्म पद्मावती के दृश्यों के छेड़छाड़ को लेकर संसद में मुद्दा उठाया है।


जलाया पुतला: सभा के बाद गोगामेड़ी के साथ सैकड़ों कार्यकर्ता कोर्ट चौराहा पहुंचे, जहां पद्मावती फिल्म के निर्माता संजय लीला भंसाली का पुतला जलाया गया ।


लगे तोरण द्वार: गोगामेड़ी के स्वागत में जगह-जगह तोरण द्वार लगाए गए, जहां कार्यकर्ताओं ने पलक पावड़े बिछाकर स्वागत किया। गोड़ों का खेड़ा, गुड़ा, डाबियो का खेड़ा, रेलवे स्टेशन आदि में तोरण द्वार लगाए गए।

Published on:
23 Oct 2017 04:14 pm