उदयपुर

करांकला में फिर से गुर्राया पैंथर, देर रात गोवंश का किया शिकार

panther बार-बार पैंथर की जगह बदलने से दहशत का माहौल, छह माह में दर्जन भर से ज्यादा मवेशियों का किया शिकार
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करांकला में फिर से गुर्राया पैंथर, देर रात गोवंश का किया शिकार
करांकला में फिर से गुर्राया पैंथर, देर रात गोवंश का किया शिकार

उदयपुर/ झल्लारा. panther थाना इलाके के करांकला आबादी बस्ती के समीप पैंथर की गुर्राहट ने एक बार फिर क्षेत्रवासियों में दहशत का माहौल बना दिया है। बीते छह माह से करांकला, सलावता सहित समीपवर्ती गांवों में भटक रहे पैंथर ने एक बार फिर मवेशियों का शिकार किया। दहशत से रात में ही नहीं दिन में भी लोग घर के बाहर निकलने से कतरा रहे हैं।
मंगलवार रात पैंथर ने बस्ती इलाके में कचरूलाल कलाल के आंगन में बंधे हुए गोवंश को निवाला बनाया। सुबह 4 बजे दूध दुहने उठे परिवार को आंगन में गोवंश मृत मिला। गनीमत रही कि पैंथर ने मवेशी पर ही निशाना साधा। घटना स्थल से एक घर आगे अमरजी मीणा उसके घर के आंगन में सोया था। अगर, पैंथर उस पर हमला कर देता तो नई परेशानी खड़ी हो सकती थी। ग्रामीणों की मानें तो बीते छह माह में पैंथर करीब एक दर्जन मवेशियों का शिकार कर चुका है। पैंथर की शिकार में इतनी महारथ है कि वह मवेशी की आवाज तक नहीं निकलने देता। दूसरी ओर घटना की सूचना के बाद वन नाका झल्लारा के वनकर्मी मौके पर पहुंचे। मौका कार्रवाई के बाद पशु चिकित्सक डॉ. राजेंद्र कुमार पटेल ने गोवंश का पोस्टमार्टम किया।

चतुराई में भी आगे हमलावर
शिकार में ही नहीं दिमाग से भी पैंथर के चतुर होने की चर्चाएं हैं। वजह यह है कि स्थानीय ग्रामीणों की मांग पर वनविभाग ने कई बार पिंजरे लगाकर पैंथर पर घेराबंदी की कोशिश की, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। इसकी वजह यह रही कि एक बार शिकार करने के बाद पैंथर अगले शिकार की जगह बदल देता है। गांव में फतहसिंह के घर के बाहर लगे सीसीटीवी में भी एक बार पैंथर की उपस्थिति दर्ज हो चुकी है।

दिवाली बाद कार्रवाई
पहले भी पैंथर की उपस्थिति को लेकर पिंजरा लगाया गया था। पैंथर हर बार जगह बदल रहा है। panther एक बार फिर पिंजरा लगाएंगे। दिवाली के बाद शिकंजे में लेने की हर संभव कोशिश की जाएगी।
नरपत सिंह राठौड़, रेंजर, वनविभाग सलूम्बर

Published on:
24 Oct 2019 06:00 am