उदयपुर

धोलागढ़ में बनेगा विश्व का सबसे बड़ा अष्टमुखी पशुपतिनाथ शिवलिंग

pashupatinath shivling स्थापना को लेकर जोरों पर हैं तैयारियां
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धोलागढ़ में बनेगा विश्व का सबसे बड़ा अष्टमुखी पशुपतिनाथ शिवलिंग
धोलागढ़ में बनेगा विश्व का सबसे बड़ा अष्टमुखी पशुपतिनाथ शिवलिंग

उदयपुर/ झल्लारा. pashupatinath shivling गुरु गोरक्षनाथ की तपोभूमि धोलागढ़ पर्वत की तलहटी पर भगवान पशुपति का अष्टमुखी शिवलिंग स्थापित होगा। योगी प्रकाशनाथ का दावा है कि यह शिवलिंग विश्व में सबसे बड़ा होगा और इसका निर्माण नेपाल में स्थापित भगवान के शिवलिंग के समान होगी। धोलागढ़ में प्रस्तावित अतिरूद्र महायज्ञ एवं सहस्त्र चंडी महायज्ञ के प्रचार प्रसार को लेकर पायरा गांव में रूद्र वाहिनी कार्यकर्ताओं की बुधवार को आहुत बैठक को संबोधित करते हुए योग प्रकाशनाथ ने ये बात कही। योगी ने कहा कि प्रस्तावित शिवलिंग की ऊंचाई करीब सवा नौ फीट होगी। वर्तमान में मंदसौर में स्थापित इस शिवलिंग की ऊंचाई करीब सात फीट है। पशुपति नाथ विग्रह के चारों दिशाओं में एक-एक मुख होगा। उसके ऊपर स्थापित होने वाले चार मुख अंनत ब्राह्मण का द्योतक होंगे। ये मुख शिव अष्ट मुख को दर्शाएंगे। भगवान शिव के अष्ट नाम शर्व, भव, रूद्र, उग्र, भीम, पशुपति, ईशान और महादेव हैं।
इससे पहले आयोजन को लेकर पायरा में कार्यकर्ताओं की ओर से घर-घर जाकर धर्मप्रेमियों को अनुष्ठान के लिए पीले चावल देकर न्योता दिया गया। मौके पर आयोजित शिला पूजन का लाभ योगेन्द्रसिंह चूण्डावत, गणपत सिंह, नरवर सिंह, पायरा व गौतम पाटीदार भासौर ने पशुपतिनाथ मंदिर शिला पूजन में हिस्सेदारी निभाई। pashupatinath shivling लीलाराम पण्ड्या भासौर ने सहस्त्रचण्डी यजमान बनकर आयोजन की रस्म अदाएगी की। महेन्द्र सुथार, गणपत सिंह काजावाड़ा, प्रवीण सिंह, गजेन्द्र सिंह, मुकेश सहित अन्य पदाधिकारी एवं धर्मप्रेमी मौके पर मौजूद थे।

अभ्यास वर्ग में जुटे किसान प्रतिनिधि
सलूम्बर. जिले के सलूम्बर उपखण्ड मुख्यालय में किसान संघ की ओर से आयोजित एक दिवसीय तहसील अभ्यास वर्ग में बड़ी संख्या में किसान प्रतिनिधियों ने हिस्सेदारी निभाई। तहसील अध्यक्ष इंद्रसिंह की अध्यक्षता में धारोद हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित अभ्यास वर्ग में बतौर अतिथि जिलाध्यक्ष किशोरसिंह सिसोदिया, सेमारी तहसील अध्यक्ष भैरूलाल अहारी मौजूद थे। बतौर वक्ता सहजिला मंत्री नारायण सेवक ने कार्यक्रम को संबोधित किया। साथ ही मौके पर मासिक व वार्षिक कार्ययोजना को लेकर रणनीति बनाई गई। किशोरसिंह के निर्देशन में किसानों की ओर से अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों का मुद्दा भी उठा। अंत में इंद्रसिंह ने सभी पंचायतों में कार्यविस्तार को लेकर प्रभारी मनोनीत किए और जिम्मेदारी भी तय की।

Published on:
24 Oct 2019 06:00 am