
उदयपुर/ गोगुंदा. क्षेत्र में अजमेर विद्युत वितरण निगम की ओर से वितरित किए जा रहे बिजली उपभोग के बिल ग्रामीणों को 'करंट के झटकेÓ दे रहे हैं। व्यवस्था खामी ही है कि मीटर रीडर प्रत्येक मीटर की रीडिंग लेने की बजाए औसत बिल बनाकर उपभोक्ताओं तक भिजवा रहा है। अव्यवस्था के बीच ग्रामीणों को अगला बिल अधिक बिजली उपभोग राशि के आधार पर महंगी दर पर थमाया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांवों में कम खपत के बाद भी उपभोक्ताओं को हजारों रुपए का बिल थमाया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि वह इस दर पर बिजली बिल भरने में असमर्थ हैं। आरोप यह भी कि उपभोक्ता की ओर से बिजली मीटर बदलवाने को लेकर भी कई बार आवेदन किए, लेकिन सुस्ती का आलम यह है कि उनके प्रार्थनापत्र पर गौर करने वाला कोई नहीं है। बकाया राशि नहीं चुका पाने वाले उपभोक्ताओं को मजबूरी में बिजली कनेक्शन कटाने पड़ रहे हैं। हाल ही में निगम ने झंझारपुरा निवासी लखमा गमेती को एक लाख 99 हजार रुपए का बिजली बिल थमाया है। उसने निगम कार्यालय में पीड़ा भी बताई, लेकिन किसी ने उसकी एक नहीं सुनी।
जरूर करेंगे पाबंद
तकनीकी खामी से किसी उपभोक्ता का बिल गलत आ गया होगा। उसमें सुधार किया जाएगा। मीटर रीडर को भी वास्तविक रीडिंग लेने के लिए पाबंद किया जाएगा।
रोहितसिंह, कनिष्ट अभियंता, एवीवीएनएल गोगुंदा