उदयपुर

म्हाने प्यारी-प्यारी लागे ये मेवाड़ री धरती…

खूब जमा कवि सम्मेलन
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Sep 13, 2019
Poet Conference
म्हाने प्यारी-प्यारी लागे ये मेवाड़ री धरती...


उदयपुर. सराड़ा. गणपति महोत्सव के अवसर पर सल्लाड़ा स्थित राम मन्दिर परिसर में राम बजरंग सेना मेवाड़ की ओर से कवि सम्मेलन हुआ। इसमें ख्यातनाम कवियों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं प्रस्तुत की। कार्यक्रम की शुरुआत दिल्ली की कवयित्री डॉ.आयुषि राखेजा की गणपति व सरस्वती वन्दना के साथ हुई। इसके बाद हास्य कवि कानू पंडित की राजस्थानी पेरोडी ने लोगों को लोटपोट किया। पन्नाधाय पर रचित जिस कविता के जरिए तेरह साल की नेहा वैष्णव ने एक दिन में पहचान बनाई उस अमर कविता के रचनाकार सोहन चौधरी ने म्हाने प्यारी-प्यारी लागे ये मेवाड़ री धरती...,बेटियों पर मर्मस्पर्शी रचना लाड़पन घर आंगन बाबा रो छोड़ चली पेश की तो पंडाल तालियों से गूंज उठा। इसके बाद दर्शकों की मांग पर कालजयी रचना अरे रे रे पन्ना काली वां अंधियारी माझल रात... की प्रस्तुति से समां बांध दिया। हास्य कवि मनोज गुर्जर ने खुद पर व्यंग्य करते हुए हुए हास्य रचनाओं से दर्शकों को गुदगुदाया वहीं मान जनक का नही रखता वो सुत दागी हो जाता... कविता से तालियां बटोरी ।

इसके बाद एक बार फिर आयुषि राखेजा ने राजस्थानी व्यंग्य रचना ढोलो मारो वॉट्सएप्प चेट करे हैं..पेश की। इसके बाद शृंगार व प्रेम रस से भरी बस रही राधिका कृष्ण के गीत में तथा आ बांधा प्रीत री डोरी, धारा 370 सहित कई रचनाएं पेश कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया ।
हास्य और शृंगार के कवि लोकेश महाकाली ने पल्ले पड़ गई ठिंगणी नार से शुरुआत करके दर्शकों को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर दिया इसके बाद बालाकोट एयर स्ट्राईक, बारुदी लपटे भड़की जैसी वीर रस से ओत प्रोत रचनाएं प्रस्तुत कर जोश पैद कर दिया ।

सूत्रधार कवि सिद्धार्थ देवल उदयपुर थे। कार्यक्रम का समापन देवल के वीरवर कल्लाजी राठौड़ पर रचित कविता से हुआ।

Published on:
13 Sept 2019 02:42 am