
उदयपुर।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान पूरे देश में चल रहा है। वहीं दूसरी ओर एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसकी महिला सरगना आदिवासी क्षेत्र की लड़कियों से देह व्यापार करवाने के बाद उनको चंद हजार रुपए में बेचकर शादी करवा देती थी। शादी के बाद युवतियों को ससुराल से नकदी और जेवर लेकर भागने को कहा जाता। एक पीडि़ता की शिकायत पर पुलिस ने महिला दलाल ‘मौसी’ सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पानरवा थाना क्षेत्र में एक प्रेमी ने अपनी पे्रमिका को गुजरात में दो लाख रुपए में दलाल के हाथों बेच दिया। पहले उससे देह व्यापार में धकेला और बाद में उसकी दो बार शादी करवाई।
युवती जैसै-तैसे दलालों के चुंगल से निकली तो उसने पानरवा एसपी को मामले की जानकारी देते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने युवती के प्रेमी टिंडोरी पानरवा निवासी विजेश कुमार ननामा, गुजरात के रामजी भाई परमार और युवती से शादी करने वाले सोनीसर तलोद साबरकांठा गुजरात निवासी महेंद्रसिंह झाला को गिरफ्तार कर लिया। रैकेट की सरगना बिछीवाड़ा डूंगरपुर की लीला बेन और उसके तथाकथित पति गोविंद रावल को भी गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक लड़कियों को 40 हजार से एक लाख रुपए में बेचा जा रहा था।
‘मौसी’ ने रिश्तेदारों को भी नहीं छोड़ा
गिरोह की सरगना आरोपी लीला बेन का असली नाम फुलकीबाई है और इलाके में मौसी के नाम से जानी जाती है। दस साल पहले पति से अलग होने के बाद गोविंद रावल के साथ मिलकर देह व्यापार का धंधा शुरू किया। लीला ने डूंगरपुर की अपनी तीन रिश्तेदार तीन महिलाओं को इस धंधे में धकेलने के बाद उनकी पांच-पांच शादी तक करवा दी थी।
पूछताछ चल रही है
पीडि़ता की शिकायत के बाद पानरवा थाानाधिकारी सकराम ने गिरोह की सरगना लीलाबेन, उसके तथाकथित पति गोविंद रावल को पकड़ा है। उनसे पूछताछ चल रही है।
शंभू सिंह, पुलिस उपाधीक्षक, उदयपुर
फोटो प्रतिकात्मक