पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि मैं लट्ठमार बोलता हूं, लोग मेरे से नाराज रहते हैं। कभी-कभी एमपी भी मेरे लपेटे में आ जाते हैं।
उदयपुर। पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि मैं लट्ठमार बोलता हूं, लोग मेरे से नाराज रहते हैं। कभी-कभी एमपी भी मेरे लपेटे में आ जाते हैं। अब वे नाराज हों तो हो, आखिर हैं तो कार्यकर्ता ही। कटारिया बुधवार को उदयपुर नगर निगम के सुखाडि़या रंगमंच पर सुंदर सिंह भंडारी चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।
समारोह में अटल बिहारी वाजपेयी और सुंदर सिंह भंडारी को याद करते हुए उन्होंने चुटकी लेते हुए यह बात कही। मंच पर मौजूद उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि इनको लगता होगा यार मैं तो एमपी हूं, तो होगा एमपी, उसका क्या है, कार्यकर्ता तो हो न। इस पर सांसद खड़े हुए और हाथ जोड़कर कटारिया के प्रति सम्मान व्यक्त किया। समारोह के दौरान गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत भी मौजूद रहे।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कटारिया ने कहा कि मुझे याद है वाजपेयी जी के कारण मैं 1620 वोटों से जीता था। उदयपुर में अचानक उनकी सभा तय कर दी गई। गुलाब बाग में एक मंच बनाया गया। वो रतलाम से आए थे। सामान्यत: नेता अव्यवस्था देख नाराज हो जाते हैं, लेकिन वे ऐसे न थे।
मैंने जिंदगी में पहली आमसभा देखी, जिसमें लोग पेड़ की टहनी पर बैठे थे। उन्होंने जनता को अपनी तरफ आकर्षित किया। कार्यकर्ताओं में जोश भरा। उन्होंने यह आलोचना नहीं की कि यहां बिछाने को कुछ नहीं है और सिर्फ माइक लगा दिया और मुझे यहां खड़ा कर दिया।