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छापली घाटे में आग का कहर: केमिकल टैंकर बना मौत का गोला, चालक जिंदा जला

जसमंद जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर मंगलवार दोपहर दिवेर थाना क्षेत्र के छापली घाटे पर केमिकल से भरा टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। धमाके की गूंज कई किमी दूर तक सुनाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अत्यधिक ज्वलनशील केमिकल से भरा उदयपुर से अजमेर जा रहा टैंकर था। छापली घाटा उतरते समय ढलान और तेज रफ्तार के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। टैंकर बीच सड़क पर पलटते ही घर्षण और केमिकल रिसाव से जोरदार धमाका हुआ।

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अत्यधिक ज्वलनशील केमिकल से भरा उदयपुर से अजमेर जा रहा टैंकर था।

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लपटें इतनी तेज थीं कि चालक को संभलने तक का मौका नहीं मिला। वह केबिन में ही जिंदा जल गया। धमाके की गूंज कई किमी दूर तक सुनाई दी।

देवगढ़. राजसमंद जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर मंगलवार दोपहर दिवेर थाना क्षेत्र के छापली घाटे पर केमिकल से भरा टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। लपटें इतनी तेज थीं कि चालक को संभलने तक का मौका नहीं मिला। वह केबिन में ही जिंदा जल गया। धमाके की गूंज कई किमी दूर तक सुनाई दी।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अत्यधिक ज्वलनशील केमिकल से भरा उदयपुर से अजमेर जा रहा टैंकर था। छापली घाटा उतरते समय ढलान और तेज रफ्तार के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। टैंकर बीच सड़क पर पलटते ही घर्षण और केमिकल रिसाव से जोरदार धमाका हुआ। देखते ही देखते आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। आग की लपटें 50 फीट तक उठने लगीं। टैंकर का केबिन पूरी तरह आग की गिरफ्त में आ गया। चालक की पहचान उदयपुर निवासी सोहनलाल डांगी के रूप में हुई।

हाईवे पर मचा कोहराम

अचानक हुए धमाके और आग के भयानक दृश्य ने राहगीरों में अफरा-तफरी मचा दी। चीख-पुकार के बीच लोग दूर से ही यह मंजर देखते रहे। आग इतनी भीषण थी कि कोई पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।

दो घंटे की जंग के बाद काबू में आई आग

सूचना मिलते ही दिवेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। हालात की गंभीरता को देखते हुए भीम डीएसपी, देवगढ़ थाना अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर जुट गए। आग इतनी विकराल थी कि स्थानीय संसाधन नाकाफी साबित हुए। राजसमंद, आमेट और देवगढ़ से दमकल की गाड़ियां बुलाई गईं। फायर ब्रिगेड टीम ने भीषण गर्मी और खतरे के बीच करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तीन क्रेनों की मदद से करीब चार घंटे में टैंकर को सीधा किया गया। जब आग बुझी, तब तक टैंकर केवल लोहे का ढांचा बन चुका था-अंदर सिर्फ राख और अवशेष ही बचे थे।

5-7 किमी लंबा जाम, यात्रियों की परीक्षा

सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने हाईवे के दोनों ओर यातायात पूरी तरह रोक दिया। बार-बार हो रहे छोटे विस्फोटों के कारण यह इलाका 2-3 घंटे तक ‘नो-गो ज़ोन’ बना रहा। नतीजा दोनों तरफ 5 से 7 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। भीषण गर्मी और आग की तपिश ने यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी। देर शाम हालात सामान्य होने पर एकतरफा यातायात शुरू किया जा सका।