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‘डोटासरा झूठ का ढोल…सत्य का आकलन किए बिना बोलते हैं’, मंत्री सुरेश रावत का बयान

जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने गोविंद सिंह डोटासरा पर निशाना साधते हुए कहा कि वे झूठ का ढोल हैं और बिना तथ्य जांचे बयान देते रहते हैं। मंत्री ने विपक्ष से जिम्मेदार भूमिका निभाने और भ्रम फैलाने की राजनीति से बचने की नसीहत दी।

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Minister Suresh Rawat

मंत्री सुरेश रावत और गोविंद सिंह डोटासरा (पत्रिका फोटो)

उदयपुर: जल संसाधन विभाग मंत्री सुरेश रावत ने कहा कि प्रदेश में भजनलाल सरकार जनता का काम कर रही। गोविंद सिंह डोटासरा झूठ का ढोल हैं। उनको कोई भी सुबह कुछ कहकर जाता है। इसके बाद सुबह से बोलना चालू होंगे और शाम तक बोलते रहेंगे।

मंत्री रावत ने कहा, वो यह नहीं सोचते कि इसमें सत्य क्या है और असत्य क्या है। वे जिम्मेदार पद पर हैं। उन्हें भ्रम की ऐसी राजनीति नहीं करनी चाहिए।

बता दें कि जल संसाधन विभाग मंत्री सुरेश रावत सोमवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से रूबरू हुए थे। उन्होंने कहा कि भजनलाल सरकार किसान, आम आदमी की भावना के अनुरूप काम करने वाली सरकार है। हमारी सरकार न तो किसी के दबाव में है और न ही किसी से डरते हैं।

उन्होंने कहा, विपक्ष अपना काम कर रहा है। विपक्ष को काम करना भी चाहिए, लेकिन वे जिस तरह से झूठा माहौल बना रहे हैं, लोगों को बरगलाने का काम कर रहे हैं, उनको ऐसा नहीं करना चाहिए। हम भी विपक्ष में रहे। देश में सर्वाधिक समय कांग्रेस ने सरकार चलाई। अब उन्हें विपक्ष की भूमिका अच्छी तरह निभानी चाहिए।

जाखम का पानी मेजा तक पहुंचाने की सोच

मंत्री रावत ने कहा कि जाखम बांध से जयसमंद झील और जयसमंद से बड़गांव डैम और वहां से मातृकुंडिया होकर भीलवाड़ा के मेजा बांध तक पानी डायवर्जन करने की मांग है। सीएम की बजट घोषणा अनुसार डीपीआर के लिए 12.50 करोड़ स्वीकृत हुए।

डीपीआर केंद्रीय जल आयोग को सबमिट करने वाले हैं। स्वीकृति पर काम शुरू करेंगे। इसकी लागत लगभग 10 हजार करोड़ आएगी। इससे सिंचाई का बड़ा तंत्र विकसित करेंगे। पेयजल समस्या का भी समाधान होगा।

यह बताई अब तक की उपलब्धियां

  • उदयपुर जोन में दो सालों में 678 करोड़ स्वीकृत हुए।
  • वर्ष 2026-27 में 275 करोड़ राशि दी है।
  • ढाई सालों में 900 करोड़ से सिंचाई के काम हुए हैं।
  • देवास तृतीय और चतुर्थ परियोजना पर भी काम जारी है।
  • तेजी से काम होगा और अगले साल के अंत तक परिणाम सामने होंगे।
  • मावली के पास बागोलिया फीडर का 200 करोड़ का कार्य जारी है।
  • इससे 180 एमसीएफटी पानी से 3700 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
  • राजसमंद के खारी फीडर का भी 121 करोड़ लागत से काम हो रहा है।
  • यह राजसमंद जिले के लिए बड़ी सौगात होगी।