उदयपुर फाइल्स विवाद पर बीजेपी में घमासान तेज हो गया है। बदनामी से नाराज पदाधिकारी जयपुर पहुंचकर प्रदेश नेतृत्व को शिकायत दे आए। वीडियो मामले में कार्रवाई न होने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ी है।
उदयपुर: चर्चित उदयपुर फाइल्स प्रकरण अब संगठन और सियासत की साख का सवाल बनता जा रहा है। भाजपा नेत्री से जुड़े वीडियो ब्लैकमेलिंग और बलात्कार के आरोपों के बीच लगातार बदनामी से नाराज पार्टी के एक गुट ने आखिरकार चुप्पी तोड़ दी।
पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल जयपुर पहुंचा। प्रदेश नेतृत्व को लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की। भाजपा के कई पदाधिकारी जयपुर पहुंचकर भाजपा राजस्थान प्रभारी राधामोहन अग्रवाल, महामंत्री भूपेंद्र सैनी को लिखित शिकायत दे आए।
उनके साथ ताराचंद जैन सहित कई नेता मौजूद थे, पर किसी ने खुलकर बयान नहीं दिया। शिकायत में आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों से उदयपुर फाइल्स विवादों में है, जिससे संगठन की छवि आमजन में प्रभावित हो रही है।
बावजूद इसके प्रदेश स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सू्त्रों का कहना है कि प्रदेश प्रभारी ने कहा कि पार्टी की उदयपुर पर पूरी नजर है। सभी मिलकर पार्टी के लिए कार्य करते रहें। समय आने पर उचित कार्रवाई होगी।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया कि पुलिस जांच में वीडियो को असली बताया गया, फिर भी संबंधित नेत्री की पार्टी कार्यक्रमों में मौजूदगी बनी हुई है। इससे नाराज होकर कई महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता कार्यक्रमों से दूरी बनाने लगे हैं। साथ ही जिला कार्यकारिणी और जिलाध्यक्ष पर पुराने मामलों को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं।
जानकारों के अनुसार, जयपुर गए प्रतिनिधिमंडल में पूर्व जिलाध्यक्ष चन्द्रगुप्त सिंह चौहान, अतुल चंडालिया, किरण जैन, रेखा ऊंटवाल, अनिल सिंघल, आकाश बागरेचा, दीपक बोल्या, नीरज अग्रिहोत्री, गजेन्द्र भंडारी और ललित तलेसरा शामिल थे। सभी से आधिकारिक तौर पर किसी शिकायत से इनकार कर इसे सिर्फ संगठनात्मक बैठक बताया।
इधर, भाजपा शहर जिला मंत्री तुषार मेहता का एक ऑडियो वायरल की आंशका होने से नया विवाद खड़ा हो गया है। मेहता ने सूरजपोल थाने में शिकायत देते हुए कहा कि वह पार्टी कार्यालय में अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे, जिसे किसी ने रिकॉर्ड कर वायरल कर दिया।
उनका आरोप है कि मजाक में कही गई बातों को गलत तरीके से पेश किया, जिससे उनकी सामाजिक और मानसिक छवि को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की है।