Rajasthan diwas@udaipur: होंगी परम्परागत खेलों की स्पद्र्धाएं, 18 से 25 वर्ष तक के महिला व पुरुष खिलाड़ी ले सकेंगे हिस्सा

जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में महाराणा प्रताप खेलगांव में 19 मार्च को सुबह 9 बजे से राजस्थान फेस्टिवल का शुभारम्भ होगा। इसमें 26 मार्च तक परम्परागत खेल की स्पर्धाओं की धूम रहेगी।
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Updated: 18 Mar 2017, 1:12 PM IST
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जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में महाराणा प्रताप खेलगांव में 19 मार्च को सुबह 9 बजे से राजस्थान फेस्टिवल का शुभारम्भ होगा। इसमें 26 मार्च तक परम्परागत खेल की स्पर्धाओं की धूम रहेगी। इस दौरान ब्लॉक से प्रदेश स्तर तक की स्पर्धाएं होंगी।

जिला खेल अधिकारी ललितसिंह झाला ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार 19 मार्च को खेल गांव में सितोलिया, रूमाल झपट्टा, तीरंदाजी, कुश्ती, कबड्डी व रस्साकशी प्रतियोगिताएं होंगी। इनमें 18 से 25 वर्ष तक के महिला व पुरुष खिलाड़ी हिस्सा ले सकेंगे। 20 मार्च को शाम 6 बजे लवकुश स्टेडियम से मशाल दौड़ का आयोजन किया जाएगा। एथलेटिक्स फतहसागर पाल के देवाली छोर तक दौड़ लगाकर प्रदेश में शांति और सद्भावना का संदेश देंगे।

संभाग स्तरीय स्पर्धाएं 22 को

एमबी मैदान चेतक सर्किल पर 22 मार्च को सुबह 9 बजे से सभी परम्परागत खेलों की संभाग स्तरी प्रतियोगिता शुरू होंगी। जिला स्तर पर विजेता रहने वाले खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में भाग लेंगे। प्रदर्शन के आधार पर परम्परागत खेलों के श्रेष्ठ खिलाडि़यों चयन किया जाएगा। चयनित खिलाड़ी 23 से 26 मार्च तक जयपुर में आयोजित होनी वाली प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे।

फतहसागर पर होगी 1000 दीपक की आरती

राजस्थान दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर कलक्टे्रट में हुई बैठक में इस अवसर पर होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं पारम्परिक खेल प्रतियोगिता के बारे में चर्चा की गई। राजस्थान दिवस पर शहर के प्रमुख स्थलों, राजकीय भवनों, चौराहों एवं स्मारकों पर विद्युत सज्जा की जाएगी। इस अवसर पर राज्य सरकार की उपलब्धियों एवं वर्तमान में चल रहे प्रोजेक्ट की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। 26 मार्च को मैराथन के समापन पर फतहसागर पर 1000 दीपक की आरती से होगा।

देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि 28 व 29 मार्च को जगदीश मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भजन, गुरुद्वारे में कीर्तन, चर्च में प्रार्थना सभा व मस्ताना बाबा की दरगाह पर कव्वाली के आयोजन होंगे। उप निदेशक पर्यटन ने बताया कि 30 मार्च को मेवाड़ महोत्सव एवं राजस्थान दिवस के तहत गणगौर घाट पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा।

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