
राजसमंद. बंगाली श्रमिक की हत्या के आरोपित को शुक्रवार सुबह अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजसमंद के समक्ष पेश किया, जहां से तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया, जबकि नाबालिग किशोर को बाल कल्याण समिति अध्यक्ष के समक्ष पेश किया, जहां से बाल सम्पे्रषण गृह भेज दिया गया। अब पुलिस द्वारा आरोपित द्वारा वायरल वीडियो में लव जिहाद के बयानों के बारे में गहन पूछताछ की जाएगी कि आखिर उसके किसी संघ, संगठन या व्यक्ति का सहयोग है या नहीं। साथ ही कथित तौर जिस लड़की को जिहादियों द्वारा बंगाल ले जाने और बंगाल में कतिपय व्यक्ति द्वारा धमकाने की बात की भी सच्चाई की गहनता से जांच की जाएगी।
पुलिस के अनुसार मालदा, पश्चिम बंगाल निवासी अफराजुल उर्फ गुट्टू की 6 दिसम्बर को हत्या के मामले में गिरफ्तार रेगर मोहल्ला, राजनगर निवासी शंभूलाल रेगर और निरूद्व नाबालिग किशोर को कडी पुलिस सुरक्षा में राजसमंद लाया गया। आरोपित शंभूलाल को न्यायालय में पेश किया, जहां से पुलिस द्वारा पांच दिन का रिमांड मांगा गया, लेकिन न्यायाधीश ने गहन 3 दिन तक रिमांड पर रखने के आदेश दिए। इसी तरह हत्या का लाइव वीडियो बनाने पर निरुद्ध नाबालिग किशोर को पुलिस ने बाल कल्याण समिति अध्यक्ष भावना पालीवाल के समक्ष पेश किया, जहां से बाल सुधार गृह भेज दिया गया।
पुलिस छावनी बना न्यायालय
आरोपित को न्यायालय में पेश करने के दौरान चैतरफा न्यायालय परिसर में भारी पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया। राजसमंद पुलिस उप अधीक्षक राजेंद्रसिंह राव, कुंभलगढ़ पुलिस उप अधीक्षक चंदनसिंह महेचा, राजनगर सीआई रामसुमेर मीणा, केलवाड़ा सीआई योगेश चैहान, केलवा थाना प्रभारी भरत योगी के साथ भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा। आरोपित को आगे पीछे एस्काॅर्ट देते हुए न्यायालय में लाए और न्यायालय से भी वापस उसी स्थिति में थाने पर ले जाया गया।