
उमेश मेनारिया/मेनार. प्रदेशभर मेंं सरकारी स्कूलों और मदरसों में पढऩे वाले करीब 62 लाख बच्चों को सप्ताह में तीन दिन दूध के लिए अन्नपूर्णा दुग्ध योजना शुरू हुई, वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को दूध के बजाय पोषाहार उपलब्ध करवाया जा रहा है। एक ही भवन में एक ओर स्कूल में बच्चों को दूध पिलाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर केंद्र में 3 से 6 साल तक के नौनिहालों को सूखा पूरक पोषाहार ही खाना पड़ रहा है। जबकि यहां 3 से 6 साल तक के कुपोषित बच्चे शाला पूर्व शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। इधर, 8वीं तक के सभी सरकारी स्कूलों और मदरसों के बच्चों को सप्ताह में तीन दिन ताजा और पौष्टिक गर्म दूध मिल रहा है। केन्द्रों एवं स्कूल का समय लगभग समान है। इस व्यवस्था से भेदभाव हो रहा है।
सिर्फ डूंगरपुर में नौनिहाल पी रहे दूध
प्रदेश के 33 जिलों में से सिर्फ डूंगरपुर जिले में आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चो को दूध मिल रहा है। ये संभव हो पाया है कलक्टर राजेंद्र भट्ट की पहल पर। प्रदेश में डूंगरपुर ही एक मात्र ऐसा जिला है जहां आंगनबाड़ी केंद्र पर जाने वाले बच्चों के लिए यह सौगात 12 जुलाई से शुरू हुई । प्रत्येक बच्चे को 50 एमएल दूध दिया जा रहा है। जिले में कुल 2113 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पढऩे वाले 28 हजार बच्चों को यह लाभ मिल रहा है । जिला कलक्टर की इस पहल पर इस कार्य में कई भामाशाह आगे आए।
आंगनबाड़ी केन्द्र में 4 घंटे निर्धारित है। 6 माह से 6 साल तक के बच्चों को गर्म पोषाहार में दलिया और खिचड़ी व सूखे पोषाहार में बेबी मिक्स और पंजीरी दी जाती है।
- दूध से वंचित करीब 23 लाख नैनिहाल
- प्रदेश में 62 हजार आंगनबाड़ी केंद्र संचालित
-18 हजार 400 केन्द्र चल रहे सरकारी विद्यालय में
- 3 हजार से अधिक केन्द्र राजकीय भवनों में
-10 हजार 685 किराए के भवन में
- 23 लाख 44 हजार बच्चे जुडे हैं आंगनबाड़ी से
- जिले में आंगनबाड़ी केंद्र की संख्या 3174
- मई 2018 के अनुसार 480 केंद्र स्कूल के भवनों में संचालित।
-06 माह से 3 साल तक के लाभान्वितो की संख्या 87292
- 03 से 06 साल तक के लाभान्वितों की संख्या 47893
- जिले में कुल लाभान्वितो की संख्या 135185