उदयपुर

एक तरफ कातिल मौसम का कहर तो दूसरी तरफ ऐसी ठण्ड में उधड़े फर्श पर बिना दरी बैठने को मजबूर ये मासूम

कोटड़ा. बेकरिया ग्राम पंचायत अन्तर्गत बावसीबोर शिक्षाकर्मी विद्यालय की हालत बद से बदतर होती जा रही है।

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कमला शंकर श्रीमाली/ कोटड़ा. बेकरिया ग्राम पंचायत अन्तर्गत बावसीबोर शिक्षाकर्मी विद्यालय की हालत बद से बदतर होती जा रही है। समस्या से कई बार आला अधिकािरयों को अवगत करवाने के बावजूद समाधान नहीं हो रहा है। छात्रों को धूल में बैठकर पढऩा पड़ रहा है। बारिश के मौसम में स्कूल की छत से पानी टपकने के कारण अधिकांश समय बंद रहा।

छात्रों के बैठने के लिए पर्याप्त दरियां तक नहीं है। फर्श जर्जर होने से अब बैठने की जगह नहीं बची है।

बेकरिया सरपंच चाम्पाराम ने बताया कि स्कूल भवन जर्जर है। वर्ष 2017 में इसकी मरम्मत करवाई गई परंतु घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल करने से इसकी स्थिति फिर ज्यो की त्यो हो गई है।

समस्या को लेकर कई बार सरपंच ने पीईईओ व बीईईओ को सूचना दी। उपखण्ड अधिकारी ने भी जायजा लिया बावजूद इसके सुधार नहीं हो पाया। सरपंच ने बताया कि विद्यालय की दुर्दशा के चलते कई छात्र पढ़ाई छोड़ गए। खंड शिक्षा अधिकारी जीवनलाल खराड़ी का कहना है कि विद्यालय की स्थिति के बारे में सूचना मिली है। शीघ्र ही मरम्मत करवाएंगे।

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उदयपुर. दुपहिया व चारपहिया वाहन के बीमे के साथ चालक व बीमित व्यक्ति का भी बीमा निहित होता है। संयोगवश अगर उसकी मौत हो जाती है तो दुर्घटना के केस के अलावा वाहन बीमा के तहत दुपहिया वाहन चालक को एक लाख रुपए व चारपहिया वाहन चालक को दो लाख रुपए तक का भुगतान किया जाता है। एक ऐसे की मामले में स्थायी लोक अदालत ने दुपहिया चालक की मौत होने पर उसे बीमा कंपनी से एक लाख रुपए की राशि दिलाई।

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Published on:
11 Jan 2018 04:02 pm
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