उदयपुर

शरद पूर्णिमा पर चांदनी में बिराजे ठाकुरजी,धवल रश्मियों ने खीर को बनाया अमृत, लगाया भोग

शरद पूर्णिमा पर चांदनी में बिराजे ठाकुरजी,धवल रश्मियों ने खीर को बनाया अमृत, लगाया भोग

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Oct 14, 2019
शरद पूर्णिमा पर चांदनी में बिराजे ठाकुरजी,धवल रश्मियों ने खीर को बनाया अमृत, लगाया भोग

प्रमोद सोनी / उदयपुर. शरद पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा और उमंग के साथ रविवार को मनाया गया। पर्व को लेकर चंद्रोदय के साथ ही धार्मिक आयोजन शुरू हो गए। कई जगह भगवान को खीर का भोग धराकर भक्तों को प्रसाद के रूप में इसका वितरण किया गया। इस दिन भगवान भी चांद की रोशनी में बिराजे और खीर का भोग धराया। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना हुई।
जगदीश मंदिर में सुबह ठाकुर जी को पंचामृत स्नान कराया गया। इसके बाद प्रभु को श्वेत वस्त्र और मुकुट धारण कराया। संध्या आरती के बाद रात करीब 8 बजे प्रभु के विग्रह स्वरूप को मंदिर के बाहर फारक्ती पर चंद्रमा की रोशनी में बिठाया गया। ठाकुर जी चंद्रमा की धवल रोशनी में रात 11 बजे तक बिराजे। इस दौरान खीर, चपड़े आदि का भोग लगाया गया। वही मंदिर में भजन-कीर्तन हुए। शाम से ही मंदिर में दर्शनार्थियों की विशेष भीड़ रही। शाम को जगदीश मंदिर में भजन संध्या हुई। शरद पूर्णिमा के साथ ही सोमवार से ठाकुरजी को शीत ऋतु के वस्त्र पहनाना और गरम तासीर वाले भोग धराना शुरू हो जाएगा।

श्रीनाथ मंदिर में शयन के दर्शन के बाद प्रभु के विग्रह रूप को कमल चौक में विराजित किया गया। इस अवसर पर ठाकुरजी को शरद की सामग्री खीर और श्वेत सामग्री अरोगाई गई। नृसिंहद्वारा मीठाराम मंदिर रावजी का हाटा में ठाकुरजी को धवल चांदनी में विराजित किया। भगवान को चपड़ा, ककड़ी, खीर, मावा, केला का भोग धराया गया। इधर, घंटाघर स्थित अन्नपूर्णा माता मंदिर पर विशेष आयोजन हुआ। अन्नपूर्णा माताजी धर्मोत्सव समारोह समिति की ओर से 1100 किलो दूध की खीर बनाकर प्रसाद बनाकर भक्तों में वितरित किया गया।
श्री बंजरग बली प्रचार समिति की ओर से शरद पूर्णिमा पर्व विविध आयोजन हुए समिति व्यवस्थापक पंडित पवन सुखवाल ने बताया कि शाम 5 बजे प्रदोष मण्डल की ओर से बालाजी का तेल की धार से रुद्राभिषेक किया। इसके बाद ठाकुर जी को धवल चन्द्रमा की रोशनी में विराजमान कराया गया। इस अवसर पर ठाकुरजी को ककड़ी, चपड़े एवं 200 किलो खीर का भोग लगाया।

Published on:
14 Oct 2019 01:32 pm
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